शिवपुरी जिले के मनियर बायपास इलाके में सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक परिवार नौ महीने के दुधमुंहे बच्चे के साथ पानी की ऊंची टंकी पर जा पहुंचा। परिवार का दावा था कि वे पिछले ढाई-तीन दशकों से सरकारी भूमि पर झोपड़ी डालकर जीवन बसर कर रहे हैं, लेकिन अब उन्हें वहां पक्का निर्माण करने से रोका जा रहा है।

पक्का घर बनाने से रोकने का लगाया आरोप

मनियर निवासी पवन जाटव अपनी पत्नी सपना जाटव, मां रामश्री जाटव और नौ माह के बेटे इशांक जाटव के साथ टंकी पर चढ़ा था। पवन का आरोप है कि वह इस स्थान पर 25 से 30 साल से काबिज है। उसके अनुसार, अतर सिंह धाकड़, राम स्वरूप धाकड़ और अन्य स्थानीय लोग उसे वहां पक्का मकान नहीं बनाने दे रहे हैं और उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं।

पीड़ित पवन ने यह भी शिकायत की कि उसने इस मामले में पुलिस में गुहार लगाई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उसने आरोप लगाया कि उसके मामा रामभजन को भी पुलिस पकड़कर ले गई थी, जिससे क्षुब्ध होकर उसे अपने पूरे परिवार के साथ यह खतरनाक कदम उठाना पड़ा। उसने साफ कह दिया था कि जब तक उसे न्याय और समाधान नहीं मिलेगा, वह टंकी से नीचे नहीं उतरेगा।

प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने संभाला मोर्चा

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कोतवाली थाना प्रभारी रोहित दुबे अपने बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार सिद्धार्थ शर्मा भी मौके पर पहुंचे और परिवार से लगातार संवाद स्थापित किया।

किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए मौके पर एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया, जो सुरक्षा जाल और अन्य जरूरी उपकरणों के साथ मुस्तैद रही। प्रशासनिक अधिकारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए परिवार को सुरक्षित नीचे उतरने के लिए राजी किया।

आवास योजना का लाभ दिलाने का मिला आश्वासन

करीब डेढ़ घंटे तक चली लंबी समझाइश और प्रशासनिक अधिकारियों के भरोसे के बाद आखिरकार पवन और उसका परिवार टंकी से नीचे उतर आया। इस दौरान स्थानीय लोगों की भारी भीड़ भी वहां जमा हो गई थी।

तहसीलदार सिद्धार्थ शर्मा ने मीडिया को बताया कि यह परिवार सरकारी जमीन पर मकान बनाना चाहता था। प्रशासनिक अमले ने उनकी बात गंभीरता से सुनी है और उन्हें सरकारी आवास योजना के तहत पात्रता के आधार पर लाभ दिलाने का पूरा भरोसा दिया है, जिसके बाद मामला शांत हुआ।