गुना जिला न्यायालय में कार्यरत शिवपुरी के रहने वाले लिपिक मनीष बाथम की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक की पत्नी विनीता बाथम ने न्यायालय में तैनात एक अधिकारी और एक प्यून पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
फाइल को लेकर दबाव और धमकी का आरोप
विनीता बाथम का कहना है कि उनके पति को एक फाइल के सिलसिले में लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप है कि उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने की धमकियां दी जा रही थीं और नोटिस जारी कर दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वे भारी तनाव में आ गए थे।
सुसाइड नोट मिलने और उसमें नाम होने का दावा
पत्नी ने एक सुसाइड नोट का हवाला देते हुए दावा किया है कि उसमें आत्महत्या के लिए उकसाने, नौकरी छीनने की धमकी देने और फाइल छिपाने जैसे मामलों का जिक्र किया गया है। उनके अनुसार, इस खत के अंत में मनीष ने उन्हें संबोधित करते हुए लिखा था कि 'विनीता, मुझे माफ कर देना।' पुलिस अब इस नोट और लगाए गए तमाम आरोपों की गहराई से जांच कर रही है।
मंगलवार को हुए थे लापता, बुधवार को मिला शव
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मनीष बाथम मंगलवार दोपहर को गुना से अचानक लापता हो गए थे, जिसके बाद स्थानीय थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। इसके अगले दिन यानी बुधवार की सुबह करीब 8 बजे, विदिशा जिले के आनंदपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत भगवंतपुर के पास एक खेत में उनका शव पेड़ से फंदे पर लटका हुआ मिला।
घटनास्थल के पास ही उनकी एक मोटरसाइकिल भी बरामद हुई है, जिसके मास्क पर 'जिला न्यायालय' लिखा हुआ है और जिसका नंबर MP33 MM 4510 है। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और पूरे घटनाक्रम की छानबीन जारी है ताकि मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!