शिवपुरी जिले के करैरा अनुभाग के अंतर्गत आने वाले ढूमधना गांव के ग्रामीण और आदिवासी महिलाएं मंगलवार को अपनी समस्याओं को लेकर सीधे एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने गांव में धड़ल्ले से बिक रही अवैध शराब के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा।

गांव में दो स्थानों पर हो रही अवैध बिक्री

ज्ञापन सौंपने पहुंचे ग्रामीणों ने स्पष्ट आरोप लगाया कि उनके गांव में दो अलग-अलग जगहों पर अवैध रूप से शराब का कारोबार चल रहा है। इसकी वजह से गांव का माहौल लगातार खराब हो रहा है, जिस पर पुलिस और आबकारी विभाग को तुरंत सख्त कदम उठाने चाहिए।

ग्रामीणों ने बताया कि दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले कुछ पुरुष अपनी मेहनत की कमाई का अधिकांश हिस्सा शराब में गंवा देते हैं। इससे कई घरों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और बच्चों का पालन-पोषण भी मुश्किल होता जा रहा है।

घरेलू कलह और महिलाओं की परेशानी

प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने बताया कि अत्यधिक शराब सेवन के चलते घरों में रोजाना कलह और मारपीट की घटनाएं होती हैं। इसके अलावा, शराब पीने वालों का झुंड रास्तों पर जमा रहता है, जिससे गांव की महिलाओं और युवतियों का आना-जाना तक दूभर हो गया है।

स्कूल जाने वाले मार्ग पर भी मनचलों का जमावड़ा

ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की कि जिस रास्ते से छोटे-छोटे बच्चे स्कूल के लिए गुजरते हैं, उसी मार्ग पर दिनभर शराबी बैठे रहते हैं। वहां होने वाली अभद्र भाषा और गाली-गलौज का बुरा असर मासूम बच्चों के कोमल मन पर पड़ रहा है।

अंत में महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि पुलिस व आबकारी अमले की संयुक्त टीम को गांव में भेजकर चिन्हित दोनों ठिकानों की गहन जांच कराई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अवैध शराब की बिक्री बंद नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।