ग्वालियर-चंबल अंचल के शिवपुरी शहर में आरक्षण के एक मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। स्थानीय माधव चौक के पास आजाद समाज पार्टी के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य नौकरियों और शिक्षा में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू करवाना था।

माधव चौक पर पुतला जलाने को लेकर हुई छीनाझपटी

प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला फूंकने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अमले ने इसे नाकाम करने की कोशिश की, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी धक्कामुक्की और झूमाझपटी शुरू हो गई। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने पुतले में आग लगा दी थी, जिसे नियंत्रित करने के लिए तुरंत दमकल वाहन की मदद लेनी पड़ी और पानी डालकर आग बुझाई गई।

प्रशासनिक कार्रवाई पर भड़के पार्टी पदाधिकारी

घटना के बाद आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र राजे ने प्रशासन के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि कार्यकर्ता पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे थे, लेकिन पुलिस ने बेवजह उनके कार्यक्रम में हस्तक्षेप किया। उन्होंने इस तरह के प्रशासनिक दखल को अलोकतांत्रिक बताया।

अब पूरे प्रदेश को बंद करने की तैयारी

जिलाध्यक्ष सुरेंद्र राजे ने यह भी स्पष्ट किया कि ओबीसी वर्ग को उनका पूरा अधिकार दिलाने के लिए आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में अब पूरे मध्यप्रदेश को बंद करने की रणनीति तैयार की जा रही है, जिसकी तारीख का ऐलान संगठन द्वारा बहुत जल्द किया जाएगा।

पिछोर में भी पुलिस ने विफल किया प्रदर्शन

शिवपुरी जिले के पिछोर कस्बे में भी इसी तरह का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। वहां भी आजाद समाज पार्टी के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन करने की कोशिश की। हालांकि, स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दमकल की सहायता से पानी डलवाकर पुतले को पूरी तरह जलने से रोक दिया। प्रदर्शनकारियों की चेतावनी के बाद अब सभी की निगाहें संगठन की अगली रणनीति और संभावित प्रदेश बंद की तारीख पर टिकी हुई हैं।