शिवपुरी जिले की कोलारस तहसील के मोहरा गांव के निवासी पिछले दो महीनों से बिजली और पानी की समस्या से परेशान हैं। सोमवार को इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने विद्युत वितरण कंपनी कार्यालय और एसडीएम कार्यालय पहुंचकर अपना ज्ञापन सौंपा।

सिंचाई और पेयजल पर संकट

ग्रामीणों का आरोप है कि मड़ीखेड़ा विद्युत पंप लाइन पर पिछले दो महीनों से बिजली की आपूर्ति नियमित नहीं हो पा रही है। बिजली केवल एक से दो घंटे के लिए ही आती है, जो किसानों के लिए खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे न केवल फसलें प्रभावित हो रही हैं, बल्कि गांव में पेयजल का भी गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।

समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने कई बार लाइनमैन और विभागीय अधिकारियों से मौखिक व लिखित शिकायतें की हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत का भी असर नहीं

ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर सीएम हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बावजूद, विद्युत कंपनी का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर आकर जांच करने के लिए नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली लाइन के तार टूटने या करंट फैलने जैसी आपातकालीन स्थिति में भी लाइनमैन और सुपरवाइजर फोन नहीं उठाते, जिससे लोगों और मवेशियों की जान को खतरा बना रहता है।

समाधान की मांग और आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने मांग की है कि मड़ीखेड़ा पंप लाइन को जल्द से जल्द कोलारस फीडर से जोड़ा जाए और बिजली की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उनकी मांग है कि इस कदम से किसानों को सिंचाई के लिए और ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से निजात मिल सकेगी।

ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी विद्युत कंपनी की होगी।