शिवपुरी जिले में मतदाता सूची में बदलाव और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को कड़ा विरोध दर्ज कराया। स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने शहर के प्रमुख स्थल माधव चौक पर एकजुट होकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की और उनका पुतला दहन किया।

कलेक्ट्रेट तक निकाली विरोध रैली

माधव चौक पर प्रदर्शन और पुतला फूंकने के पश्चात कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक आक्रोश रैली निकाली। यह रैली शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए और प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी मांगों से अवगत कराया।

पद के दुरुपयोग और पक्षपात का आरोप

कलेक्ट्रेट में सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर अपने पद के दुरुपयोग और चुनाव प्रक्रिया में पक्षपात बरतने का सीधा आरोप लगाया है। पार्टी ने मांग उठाई कि मतदाता सूची से नाम हटाने की पूरी प्रक्रिया और एसआईआर अभियान में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। कांग्रेस ने इस मामले में देश के राष्ट्रपति से हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है।

प्रमुख मांगें और स्वतंत्र जांच की बात

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पांच सूत्रीय मांग पत्र भी प्रस्तुत किया। इसमें मतदाता सूची में होने वाले प्रत्येक संशोधन का डेटा सार्वजनिक करने, सूची से हटाए गए मतदाताओं को व्यक्तिगत रूप से सूचना देने और उन्हें अपनी बात रखने का उचित अवसर देने की बात प्रमुखता से कही गई। साथ ही, सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को समय पर अपडेटेड मतदाता सूची उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

कांग्रेस ने संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया के दौरान सामने आई गंभीर गड़बड़ियों की एक निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग भी दोहराई है। पार्टी का कहना है कि चुनाव से जुड़े सभी डेटा में पूर्ण पारदर्शिता होना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद आवश्यक है।