शिवपुरी जिले के सिरसौद थाना इलाके में एक सनसनीखेज हत्याकांड का मामला सामने आया है, जहां पुरानी रंजिश के चलते एक भतीजे ने अपने ही फूफा की निर्मम हत्या कर दी। आरोपी को शक था कि उसके पिता की मौत के पीछे उसी फूफा का हाथ था, जिसका बदला लेने के लिए उसने यह खौफनाक कदम उठाया।

मंदिर जाने की बात कहकर घर से निकले थे मोहर सिंह

सिरसौद थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह गुर्जर ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 22 अगस्त को जाफरपुर निवासी मिथुन रावत ने अपने पिता मोहर सिंह रावत के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। मिथुन ने पुलिस को बताया था कि 21 अगस्त की दोपहर करीब 12 बजे मोहर सिंह अपने भतीजे दिलीप रावत के साथ शिवपुरी से छिमछिमा मंदिर जाने के लिए रवाना हुए थे।

कुछ समय बाद जब मोहर सिंह वापस नहीं लौटे तो गांव के ही एक युवक दुर्वेन्द्र रावत ने परिजनों को सूचना दी कि मोहर सिंह रातीकिरार पुलिया के पास अचेत अवस्था में पड़े हैं। परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे, जहां मोहर सिंह मृत पाए गए। डॉक्टरों ने जांच में पुष्टि की कि उनके सिर पर गंभीर वार किए गए थे, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी।

सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज

अंधे कत्ल का खुलासा करने के लिए पुलिस ने एफएसएल टीम और साइबर सेल की मदद ली। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिससे पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे। जांच के दायरे में आने के बाद मृतक का भतीजा और भौराना निवासी दिलीप रावत पुलिस के रडार पर आया, जो घटना के बाद से ही गांव छोड़कर फरार हो गया था।

पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और 14 सितंबर को सटीक सूचना के आधार पर आरोपी दिलीप को शिवपुरी में धर दबोचा। पूछताछ में सामने आया कि वह उस वक्त मथुरा से लौट रहा था।

सात-सात साल पुरानी रंजिश बनी कत्ल की वजह

आरोपी दिलीप ने पूछताछ में कबूल किया कि करीब 7-8 साल पहले उसके पिता प्रीतम रावत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। यह घटना उसकी बुआ के घर यानी मोहर सिंह रावत के यहां हुई थी।

दिलीप के मन में पिछले कई सालों से यह बात घर कर गई थी कि उसके पिता की मौत के लिए मोहर सिंह ही जिम्मेदार हैं। इसी पुरानी दुश्मनी और बदले की आग में सुलगते हुए उसने मोहर सिंह को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

घटना की रात यानी 21 अगस्त को शराब के नशे में धुत होकर दिलीप ने रातीकिरार पुलिया के पास मोहर सिंह के साथ मारपीट की और फिर पत्थर से उनका सिर कुचल दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद वह शव को सड़क के नीचे छुपाने की फिराक में था, लेकिन अत्यधिक नशा होने के कारण वह शव को ज्यादा दूर नहीं घसीट सका और मौके से भाग निकला।