फोरलेन के कायाकल्प के बाद भी बरकरार हैं पुरानी समस्याएं

कोलारस क्षेत्र में फोरलेन हाइवे के सुधार कार्य के बावजूद यहां की यातायात व्यवस्था राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जोखिम भरी बनी हुई है। कोलारस थाने से लेकर बदरवास तक लगभग 50 किलोमीटर के इस हिस्से में कई स्थानों पर हादसों की आशंका लगातार बनी रहती है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में नगर के दोनों प्रवेश द्वारों से जुड़े बायपास क्षेत्र ब्लैक स्पॉट के रूप में उभर चुके हैं, जहां लगभग एक दर्जन लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

रॉन्ग साइड ड्राइविंग और जगतपुर तिराहे पर वाहनों का जमावड़ा

दोनों बायपास से नगर में प्रवेश करते समय चालकों को अक्सर गलत दिशा यानी रॉन्ग साइड से गुजरना पड़ता है। तेज रफ्तार फोरलेन पर अचानक सामने से वाहन आ जाने से भिड़ंत की आशंका काफी बढ़ जाती है। इसके अलावा, जगतपुर क्षेत्र में सड़क किनारे बने फुटपाथ बदहाल स्थिति में हैं। तिराहे पर यात्री बसों, मैजिक वाहनों, ऑटो और हाथ ठेलों का अवैध जमावड़ा लगा रहता है, जिससे हाइवे पर आवागमन के दौरान ब्लाइंड स्पॉट बन जाते हैं और वाहन चालकों को सामने के वाहन दिखाई नहीं देते।

सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करने और अतिक्रमण हटाने की मांग

क्षेत्रीय लोगों और चालकों ने मांग की है कि हाइवे के अधूरे पड़े मेंटेनेंस कार्यों को अविलंब पूरा किया जाए। कार्यस्थलों पर पर्याप्त रिफ्लेक्टर, संकेतक और सुरक्षा के अन्य साधन लगाए जाने की सख्त आवश्यकता है। साथ ही बायपास पर रॉन्ग साइड आवागमन रोकने, जगतपुर तिराहे से अतिक्रमण हटाने और ढाबों पर होने वाली अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग भी जोर पकड़ रही है।

प्रशासनिक अधिकारियों के बयान

कोलारस के एसडीओपी संजय मिश्रा ने बताया कि जगतपुर तिराहे पर पुलिस बल तैनात कर ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। नगर और हाइवे के ढाबों पर औचक निरीक्षण कर नशाखोरी पर नकेल कसी जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस समय-समय पर हाइवे पर गश्त करती है और दुर्घटना की सूचना मिलते ही घायलों को अस्पताल पहुंचाकर हरसंभव मदद की जाती है। वहीं, नगर पालिका परिषद कोलारस के सीएमओ रमेश कुमार भार्गव ने कहा कि एक विशेष टीम का गठन कर अतिक्रमण वाले क्षेत्रों को चिह्नित किया जाएगा और इसके बाद पुलिस व राजस्व विभाग के सहयोग से बेजा कब्जा हटाने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।