मंडी गेट के सामने किसानों का जोरदार प्रदर्शन

शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में शनिवार को कृषि उपज मंडी के बाहर उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब मूंगफली के दामों में आई भारी गिरावट से नाराज किसानों ने मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। अचानक घटे भावों से गुस्साए अन्नदाताओं ने मंडी प्रशासन और व्यवस्थाओं के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

दो दिन में एक हजार रुपए प्रति क्विंटल की बड़ी गिरावट

मिली जानकारी के अनुसार, महज़ दो दिन पहले तक जो मूंगफली करैरा मंडी में 7 हजार रुपए प्रति क्विंटल के भाव से बिक रही थी, उसके दाम अचानक लुढ़ककर 6 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए। किसानों का आरोप है कि व्यापारियों ने आपसी मिलीभगत के तहत जानबूझकर बाजार में मूंगफली के दाम कम किए हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

प्रदर्शन के दौरान मौजूद किसान रामस्वरूप लोधी और हरिओम यादव ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि खेत में मूंगफली की फसल तैयार करने में ही 5,500 से 6,000 रुपए प्रति क्विंटल तक की लागत आ रही है। ऐसी स्थिति में यदि उनकी उपज मात्र 6 हजार रुपए के भाव बिकेगी, तो उन्हें लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा और कोई मुनाफा हाथ नहीं लगेगा।

निजी गोदामों में खरीदी पर उठाए गंभीर सवाल

विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मंडी परिसर के बाहर निजी गोदामों में हो रही मूंगफली की खरीदी को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने मांग उठाई कि कृषि उपज की खरीदी केवल मंडी के तय नियमों के तहत खुली नीलामी के जरिए ही होनी चाहिए, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और किसानों के हितों की रक्षा हो सके।

एसडीएम के आश्वासन के बाद खुला जाम

सड़क जाम होने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम अनुपम शर्मा भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने उग्र किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनीं। एसडीएम ने किसानों को भरोसा दिलाया कि मूंगफली के दाम कम होने के कारणों की पूरी जांच करवाई जाएगी और भविष्य में मंडी की नीलामी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखा जाएगा। इस आश्वासन के बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया।