अवैध शराब के साथ पकड़ा था तस्कर

शिवपुरी जिले के करैरा थाना अंतर्गत आने वाले समोहा गांव में अवैध शराब के कारोबार को लेकर उपजा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। बीते 29 सितंबर को गांव की जागरूक महिलाओं ने अवैध शराब की खेप लेकर आए सुरेंद्र राय नामक व्यक्ति को रंगे हाथों पकड़ लिया था।

पकड़े जाने के बाद महिलाओं ने गुस्से में शराब की पेटियों को आग के हवाले कर दिया और आरोपी को रस्सी से बांधकर पुलिस के हवाले कर दिया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी के पास से 50 क्वार्टर अवैध शराब भी बरामद की थी।

ग्रामीणों पर ही दर्ज कर दी एफआईआर

घटना के बाद पुलिस ने आरोपी सुरेंद्र राय के खिलाफ कार्रवाई तो की, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि उसे बचाने के लिए बेहद हल्की धाराओं का इस्तेमाल किया गया। हैरानी की बात यह रही कि उसी दिन सुरेंद्र की शिकायत पर पुलिस ने चार ग्रामीणों के खिलाफ पुराने विवाद के चलते मारपीट का मामला भी दर्ज कर दिया।

पुलिस की इस दोहरी कार्यशैली से ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई। महिलाओं का सवाल था कि जिस व्यक्ति को अवैध शराब के साथ खुद ग्रामीणों ने पकड़ा और पुलिस को सौंपा, उसी की शिकायत पर ग्रामीणों पर ही मुकदमे कैसे दर्ज किए जा सकते हैं।

थाने का घेराव कर रखी तीन सूत्रीय मांगें

इसी बात के विरोध में शुक्रवार को समोहा गांव के तमाम ग्रामीण और महिलाएं हाथों में तख्तियां लेकर और 'अवैध शराब बंद करो' के नारे लगाते हुए करैरा थाने पहुंच गए। उग्र प्रदर्शन करते हुए उन्होंने थाने का घेराव किया और थाना प्रभारी को एक लिखित ज्ञापन सौंपा।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से अवैध शराब का धंधा चल रहा है और पुलिस प्रशासन शराब तस्करों का सहयोग कर रहा है।

दिए गए आवेदन में ग्रामीणों ने मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं। इनमें आरोपी सुरेंद्र राय के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत सख्त कार्रवाई करने, महिलाओं के साथ कथित तौर पर हुई अभद्रता की जांच कराने और ग्रामीणों पर दर्ज की गई मारपीट की झूठी एफआईआर को रद्द कर निष्पक्ष जांच करने की मांग शामिल है।