शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले परिच्छा गांव में शनिवार की शाम एक अनियंत्रित डंपर कहर बनकर टूटा। तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आने से इलाके में लगे बिजली के दो खंभे धराशायी हो गए, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।
झोपड़ियों पर गिरे बिजली के तार, मची चीख-पुकार
खंभे टूटने के बाद हाईटेंशन और अन्य बिजली के तार सड़क के किनारे बनी करीब आठ झोपड़ियों पर जा गिरे। इन झोपड़ियों में रह रहे आदिवासी परिवारों के एक दर्जन से अधिक लोग करंट की चपेट में आ गए। हादसे के दौरान कुछ ग्रामीण बचने की कोशिश में पास ही खोदे गए गड्ढों में भी जा गिरे, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
डंपर चालक की लापरवाही से हुआ हादसा
जिला अस्पताल में उपचाराधीन घायल कमलेश आदिवासी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब एक वाहन से बजरी खाली कराई जा रही थी। स्थानीय लोगों ने चालक को चेतावनी दी थी और डंपर रोकने का प्रयास किया था, लेकिन चालक ने उनकी बात अनसुनी कर दी और वाहन आगे बढ़ा दिया जिससे यह दुर्घटना घटी।
इस हादसे में कई महिलाएं और मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में सम्मा आदिवासी, सात वर्षीय कृष्ण आदिवासी, रीना आदिवासी, कमलेश आदिवासी, सात वर्षीय मीठी आदिवासी और कोमल आदिवासी शामिल हैं, जिन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज चल रहा है।
आदिवासियों का फूटा गुस्सा, किया चक्काजाम
इस गंभीर हादसे से आक्रोशित आदिवासी परिवारों और स्थानीय ग्रामीणों ने रविवार को परिच्छा गांव के पास शिवपुरी-पोहरी मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी हादसे के लिए दोषी लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान उपलब्ध कराने की मांग पर अड़े रहे।
सड़क जाम होने की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया और उनकी अन्य मांगों पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद जाम समाप्त हुआ और यातायात सुचारू हो सका।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!