शिवपुरी जिले में सोने और चांदी के लेन-देन से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है, जिसमें कारीगर और सराफा व्यापारियों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शनिवार की सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब पुरानी शिवपुरी निवासी धर्मेंद्र सोनी ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। इसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने इलाज के दौरान सराफा कारोबारियों पर पैसे के लिए अत्यधिक दबाव बनाने का आरोप लगाया।

कारीगर पर 10 लाख से अधिक के जेवर हड़पने का आरोप

घटना के दूसरे पक्ष में शनिवार शाम को शहर के चार प्रमुख सराफा व्यापारी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने धर्मेंद्र सोनी के खिलाफ एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। व्यापारियों का कहना है कि धर्मेंद्र उनकी बाजार की दुकानों से सोने के जेवर यह कहकर ले गया था कि वह इन्हें ग्राहकों को बेचकर तय रकम तुरंत लौटा देगा। लेकिन पिछले कुछ महीनों से न तो उसने जेवर वापस किए और न ही उनकी वास्तविक कीमत चुकाई।

व्यापारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, धर्मेंद्र ने सचिन खंडेलवाल से 2 लाख 80 हजार रुपए, आदित्य गर्ग से 1 लाख 95 हजार रुपए, रचित गर्ग से 5 लाख रुपए और विनोद सोनी से 80 हजार रुपए मूल्य के सोने के आभूषण लिए थे। इन सभी व्यापारियों के बकाया जेवरों और रकम की कुल कीमत 10 लाख 55 हजार रुपए आंकी गई है, जिसे लेकर अब कारोबारी काफी परेशान हैं।

पुराने भरोसे पर दिए गए थे आभूषण

कारोबारियों ने बताया कि धर्मेंद्र सोनी पहले भी उनसे चार से पांच बार कारीगरी या बिक्री के लिए जेवर ले जा चुका था। हर बार वह तय समय पर भुगतान कर देता था, जिसके कारण इस बार भी उस पर पुराना भरोसा किया गया था। लेकिन इस बार जब व्यापारियों ने अपनी बकाया राशि और जेवर वापस मांगे, तो उसने कथित तौर पर सामान लौटाने से इनकार कर दिया।

व्यापारियों का यह भी आरोप है कि पैसे या गहने मांगने पर धर्मेंद्र उन्हें किसी झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देता था।

अस्पताल में भर्ती कारीगर के अपने दावे

दूसरी तरफ, अस्पताल में उपचाराधीन धर्मेंद्र सोनी का कहना है कि उसे कुल मिलाकर करीब 7 लाख रुपए व्यापारियों को चुकाने हैं। वर्तमान में आर्थिक तंगी और पैसों के लेन-देन को लेकर बन रहे भारी मानसिक दबाव के चलते उसने यह कदम उठाया। उसका दावा था कि व्यापारी लगातार पैसों के लिए उसे प्रताड़ित कर रहे थे।

सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र के जहरीला पदार्थ खाने और अस्पताल में भर्ती होने का वीडियो वायरल होने के बाद व्यापारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली। इसके तुरंत बाद वे एकजुट होकर एसपी कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले के दोनों पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है ताकि वास्तविकता सामने आ सके।