शिवपुरी जिले की करैरा जनपद के अंतर्गत आने वाली सिरसौद पंचायत के नए अमोला गांव में मंगलवार की शाम महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं एकजुट होकर गांव में कच्ची शराब बेचने वाले एक ठिकाने पर जा पहुंचीं और वहां विरोध प्रदर्शन किया।
शराब की पेटियों में लगाई आग, सड़क पर फेंकी कच्ची शराब
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने मौके पर मौजूद कच्ची शराब को सड़क पर बहा दिया। इसके बाद वे सरकारी शराब की दुकान के बाहर पहुंचीं और वहां रखी शराब की पेटियों को बाहर निकालकर आग के हवाले कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही अमोला थाने की पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि गांव में लगातार बढ़ रहे शराब के चलन के कारण परिवारों में कलह और घरेलू हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने सागर में हुई जहरीली शराब की घटना का हवाला देते हुए कहा कि वे अपने गांव में ऐसी किसी बड़ी दुर्घटना को टालने के लिए शराब की बिक्री को पूरी तरह बंद करवाना चाहती हैं।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
अमोला थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह सेंगर ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस बल लगातार मौके पर मुस्तैद रहा और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शराब ठेकेदार की तरफ से आधिकारिक शिकायत मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अवैध कारोबारियों का होगा सामाजिक बहिष्कार
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सिरसौद पंचायत के सरपंच अतर सिंह लोधी ने भी ग्रामीणों को अवैध और कच्ची शराब के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने सिरसौद गांव के मंदिर परिसर में ग्रामीणों के साथ एक पंचायत बुलाई, जिसमें शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया गया।
सरपंच ने चेतावनी दी है कि यदि गांव में कोई भी व्यक्ति अवैध या कच्ची शराब बेचता या उसकी आपूर्ति करता पकड़ा गया, तो उसका पूर्ण सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। ऐसे लोगों को न तो गांव के किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाएगा और न ही ग्रामीण उनके पारिवारिक आयोजनों में शामिल होंगे। उन्होंने शराब बेचने के कृत्य को गंभीर बताते हुए इसकी तुलना गौहत्या से की है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!