शिवपुरी जिले के कोलारस के वार्ड-12 के रास्ते पर हुए अतिक्रमण को लेकर स्थानीय निवासियों का गुस्सा शुक्रवार शाम को फूट पड़ा। कार्रवाई पूरी न होने से खफा होकर क्षेत्रीय लोग कलेक्ट्रेट पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई।
11 साल से परेशान हैं करीब ढाई सौ लोग
स्थानीय निवासी सतेंद्र ने जानकारी देते हुए बताया कि रास्ते की इस गंभीर समस्या से इलाके के करीब 250 लोग पिछले 11 वर्षों से लगातार परेशान चले आ रहे हैं। इस संबंध में रहवासियों ने कलेक्टर से मिलकर इस समस्या के स्थायी समाधान की पुरजोर मांग की है।
अस्पताल और स्कूल वाहन नहीं पहुंच पाते बस्ती तक
सतेंद्र ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि रास्ता अवरुद्ध होने के कारण गर्भवती महिलाओं के प्रसव के समय एंबुलेंस और बच्चों की स्कूल बसें तक बस्ती तक नहीं पहुंच पाती हैं। इससे बच्चों और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मालूम हो कि इसी रास्ते की समस्या को लेकर कुशवाह परिवार गत 29 सितंबर को भड़ौता रोड पर स्थित पानी की टंकी पर भी चढ़ गया था। अगले दिन राजस्व विभाग ने सीमांकन तो किया था, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने पर बुधवार को फिर से कलेक्टर के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई थी।
लिखित आश्वासन के बाद भी नहीं हटा पूरा कब्जा
शिकायत के बाद गुरुवार को प्रशासनिक अमला जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचा था और कल्याण दास बैरागी के मकान का कच्चा अतिक्रमण हटा दिया गया था। उस दौरान बैरागी परिवार ने 24 घंटे के भीतर खुद ही पक्का अतिक्रमण हटाने और सामान समेटने का लिखित आश्वासन दिया था।
एसडीएम शिवदयाल धाकड़ ने उस समय स्पष्ट किया था कि तय मियाद में कब्जा न हटाने पर पुनः कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी न तो कब्जा पूरी तरह हटा और न ही प्रशासन दोबारा मौके पर पहुंचा, जिसे लेकर लोगों में औपचारिकता पूरी करने का आरोप है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!