शिवपुरी में दसवीं बार निकाली गई मां काली की शोभायात्रा
शिवपुरी जिले में नवरात्रि पर्व के समापन और दशहरे के पावन अवसर पर खटीक समाज द्वारा भव्य विसर्जन जुलूस निकाला गया। सईसपुरा के गणपति मंदिर स्थित दुर्गा पंडाल में नौ फीट ऊंची मां काली की प्रतिमा स्थापित की गई थी। इस परंपरा को शहर में लगातार दसवीं बार निभाया गया, जिसमें हजारों की संख्या में स्थानीय श्रद्धालु शामिल हुए।
शहर के मुख्य मार्गों से गुजरा जुलूस
नौ दिनों तक विधि-विधान से पूजा-पाठ के बाद दशहरे पर प्रतिमा को विदाई दी गई। मंगलवार को श्रद्धालु माता की प्रतिमा को अपने कंधों पर उठाकर सईसपुरा से रवाना हुए। यह जुलूस मीट मार्केट, कमलागंज, माधव चौक और पुराने बस स्टैंड से होता हुआ दो बत्ती चौराहे पहुंचा, जिसके बाद इसे गणेश कुंड ले जाकर विसर्जित किया गया।
करैरा में भी दिखा अनूठा उत्साह
शिवपुरी के अलावा करैरा में भी खटीक समाज की ओर से मां काली का विसर्जन जुलूस निकाला गया। यहां खटीक मोहल्ले में पिछले सोलह वर्षों से नवरात्रि के दौरान प्रतिमा स्थापना की जा रही है। नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए इस प्रतिमा को महुअर नदी तक ले जाया गया, जहां उसका विसर्जन संपन्न हुआ।
बिना डीजे और बैंड-बाजे के गूंजे जयकारे
इन दोनों जुलूसों की सबसे खास बात यह रही कि इसमें किसी भी तरह के डीजे या बैंड-बाजे का इस्तेमाल नहीं किया गया। भक्तगण नंगे पैर माता की प्रतिमा को कंधों पर उठाकर दौड़ते नजर आए। 'काली-काली जय मां काली' के गगनभेदी जयकारों से पूरा इलाका भक्तिमय हो गया।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!