अचानक निरीक्षण में खुली पोल

शिवपुरी जिले के बदरवास अंतर्गत आने वाले बड़ोखरा गांव में उचित मूल्य दुकान से खाद्यान्न न मिलने की शिकायतों पर स्थानीय प्रशासन ने त्वरित जांच शुरू की। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अर्पित वर्मा ने औचक निरीक्षण किया, जहां मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने सेल्समैन योगेश जाट पर गंभीर आरोप लगाए।

ग्रामीणों का कहना था कि वे मशीन पर अंगूठा लगवा चुके थे, जिसके बावजूद उन्हें पिछले लगभग तीन महीनों से लगातार राशन से वंचित रखा गया था। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही पात्र हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरित करवाया और संबंधित विक्रेता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

जेसीबी से हटाया गया अवैध अतिक्रमण

प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद आरोपी सेल्समैन योगेश जाट लगातार कर्तव्य से गायब चल रहा था। मामले की अगली कड़ी में वीरवार को तहसीलदार सचिन भार्गव के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला उसके पैतृक गांव सेमरी जा पहुंचा। पड़ताल के दौरान वहां सरकारी भूमि पर अवैध रूप से खड़े किए गए उसके मकान का पता चला।

प्रशासन ने फौरन कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए इस अवैध निर्माण को शासकीय भूमि से बेदखल करने का निर्णय लिया। इसके बाद मौके पर बुलडोजर मंगाकर उस अवैध मकान को जमींदोज कर दिया गया, जिससे क्षेत्र में गड़बड़ी करने वालों के बीच कड़ा संदेश गया है।

जिलेभर में छह राशन विक्रेताओं पर हुई शिकंजा कसने की कार्रवाई

केवल बड़ोखरा ही नहीं, बल्कि पूरे जिले में खाद्यान्न वितरण प्रणाली में गड़बड़ी करने वाले अन्य दोषियों के खिलाफ भी अभियान चलाया गया है। कुल मिलाकर छह राशन विक्रेताओं पर कानूनी डंडा चला है। कोलारस के अंतर्गत बामोरखुर्द और श्रीपुरा दुकानों की जांच में सामने आया कि पीओएस मशीनों में खाद्यान्न का वितरण दर्ज दिखाया गया था, जबकि हकीकत में दुकान से सामग्री गायब थी।

इसी तरह रन्नौद तहसील के अकोदा केंद्र के विक्रेता गोलू लोधी, पिछोर क्षेत्र के निवोदा गांव के पुष्पेंद्र, सिनावलकलां के भगवानलाल और बघावारा के सतेंद्र के खिलाफ भी गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर प्रकरण दर्ज किए गए। इन सभी आरोपियों को जेल भेजने की पुख्ता प्रक्रिया प्रशासनिक स्तर पर पूरी की जा चुकी है।

सभी उचित मूल्य दुकानों की होगी सघन जांच

इस बड़ी कार्रवाई के बाद कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जिले के तमाम मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र की प्रत्येक उचित मूल्य दुकान का भौतिक सत्यापन करें। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पीओएस मशीनों के आंकड़ों और धरातल पर बांटे गए राशन के बीच कोई अंतर नहीं मिलना चाहिए।