शिवपुरी जिले के भौंती कस्बे में शुक्रवार को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवान नीरज शर्मा का पार्थिव शरीर उनके पैतृक निवास पहुंचा। अंतिम यात्रा के दौरान पूरा कस्बा 'भारत माता की जय' के नारों और देशभक्ति गीतों से गूंज उठा, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ अंतिम संस्कार

आईटीबीपी के जवानों की टुकड़ी ने दिवंगत जवान नीरज शर्मा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके पश्चात उनके छोटे भाई प्रदीप शर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान स्थानीय नागरिकों के अलावा कई प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल के नुमाइंदे और आईटीबीपी के जवान मौजूद रहे।

भौंती के रहने वाले नीरज शर्मा वर्ष 2007 में आईटीबीपी में आरक्षक जीडी के पद पर भर्ती हुए थे और लगभग 19 वर्षों से देश सेवा में जुटे थे। पिछले एक वर्ष से उनकी पदस्थापना लेह-लद्दाख क्षेत्र में थी।

छुट्टी के बाद ड्यूटी जाते समय बिगड़ी थी तबीयत

परिजनों के अनुसार, गत 14 सितंबर को अपनी छुट्टी पूरी करने के बाद वे ड्यूटी पर लौटने के लिए घर से निकले थे। उस वक्त उनकी सेहत कुछ नासाज थी। उन्हें लेह-लद्दाख पहुंचने से पहले दिल्ली स्थित आईटीबीपी मुख्यालय में रिपोर्ट करना था।

नीरज को दिल्ली छोड़ने के लिए उनके पिता सुदामा प्रसाद शर्मा भी उनके साथ गए थे। दिल्ली पहुंचने पर नीरज आईटीबीपी मुख्यालय में रुक गए, जबकि उनके पिता मथुरा दर्शन के लिए चले गए थे।

परिवार के पहुंचने से पहले आया निधन का समाचार

छोटे भाई प्रदीप शर्मा ने जानकारी दी कि 16 सितंबर को दिल्ली मुख्यालय से फोन पर नीरज की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली थी, जिसके बाद परिवार तुरंत दिल्ली के लिए रवाना हो गया था। रास्ते में मथुरा से पिता को भी साथ ले लिया गया, लेकिन गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही उनके असामयिक निधन की मनहूस खबर मिल गई।

अपने पीछे वे पत्नी और 16 साल की बेटी को छोड़ गए हैं, जो भौंती में ही रहती हैं। दो भाइयों में बड़े नीरज के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।