शिवपुरी जिले में अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के स्पष्ट निर्देशों के बाद, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए, चार कॉलोनाइजरों के खिलाफ सोमवार को आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम के प्रावधानों के तहत की गई है।
यह कार्रवाई जनपद पंचायत की शिकायत और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शिवपुरी के आदेशों के आधार पर की गई है। प्रशासन ने इन अवैध कॉलोनियों में भूखंडों की खरीद-बिक्री और नामांतरण पर पहले ही रोक लगा दी थी, जिसके बाद अब एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।
दर्ज एफआईआर के अनुसार, पहला मामला अभिजीत सिंह भदौरिया, पिता धर्मसिंह भदौरिया के खिलाफ है। उन पर ग्राम सिंहनिवास में बिना किसी वैध अनुमति के कॉलोनी विकसित करने का आरोप है। दूसरा प्रकरण जितेंद्र शर्मा, पिता मोहनलाल शर्मा, निवासी तुलसीनगर, झांसी तिराहा, शिवपुरी के विरुद्ध कोतवाली थाने में दर्ज किया गया है। उन पर भी ग्राम सिंहनिवास में अवैध कॉलोनी विकसित करने का आरोप है।
तीसरे आरोपी के रूप में कावेन्द्र सिंह, पिता कप्तान सिंह, निवासी सुभाष नगर, मुरैना का नाम सामने आया है। उनके खिलाफ भी ग्राम सिंहनिवास में बिना अनुमति के कॉलोनी बनाने के आरोप में कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। चौथा मामला राजीव गुप्ता, पिता रमेशचंद्र गुप्ता, जो राज रियल एस्टेट डेवलपर्स लिमिटेड के प्रोपराइटर और हनुमान कॉलोनी, शिवपुरी के निवासी हैं, उनके खिलाफ दर्ज हुआ है। उन पर ग्राम नोहरीकला में नियमों का उल्लंघन कर कॉलोनी विकसित करने का आरोप है।
जनता के लिए चेतावनी
जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी कॉलोनी में भूखंड खरीदने से पहले पूरी सावधानी बरतें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भूखंड खरीदने से पूर्व संबंधित कॉलोनी की सभी वैधानिक स्वीकृतियों और कॉलोनाइजर के लाइसेंस की गहन जांच अवश्य कर लें। ऐसा करने से भविष्य में होने वाली किसी भी धोखाधड़ी या कानूनी अड़चन से बचा जा सकता है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!