शिवपुरी जिले के कोलारस क्षेत्र से लगभग 16 किलोमीटर दूर स्थित लेवा गांव के प्राचीन हीरामन बाबा देवस्थान पर सोमवार को गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह चार बजे से ही भक्तों का आना शुरू हो गया था, जो देर शाम तक अनवरत जारी रहा।

पीलिया रोग से मुक्ति की है गहरी मान्यता

क्षेत्र के लोगों में हीरामन बाबा के प्रति अगाध श्रद्धा है। ऐसी स्थानीय मान्यता है कि इस मंदिर में पांच परिक्रमा लगाने और भभूति अर्पित करने से पीलिया जैसी बीमारी से निजात मिलती है। इसी अटूट विश्वास के कारण शिवपुरी के अलावा ग्वालियर, झांसी, दतिया, ईसागढ़, अशोकनगर, गुना और पड़ोसी राज्य राजस्थान के कोटा व बारां से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

पांच किलोमीटर पैदल चलकर भक्तों ने किए दर्शन

अचानक उमड़ी भारी भीड़ के चलते लेवा गांव की तरफ जाने वाली सिंगल लेन सड़क पर पूरे दिन यातायात बाधित रहा। लोग कार, मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर और अन्य वाहनों से पहुंचे थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाहनों को मंदिर से लगभग पांच किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने पांच किलोमीटर का सफर पैदल तय किया।

ग्रामीण इलाकों के जानकारों के अनुसार, बीते लगभग 19 वर्षों में इस स्थान की प्रसिद्धि आसपास के जिलों और अन्य राज्यों तक फैली है। पहले यहां आवागमन के साधन सीमित थे और मार्ग भी काफी खराब था, लेकिन प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पक्की सड़क बनने के बाद यहां पहुंचना काफी सुगम हो गया है।

सुरक्षा के बीच डटी रही पुलिस

मेले और उमड़ी भीड़ को व्यवस्थित करने के वास्ते कोलारस थाने के बल के साथ-साथ शिवपुरी से भी अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। भारी वाहनों और श्रद्धालुओं के दबाव के कारण दिनभर यातायात व्यवस्था जूझती नजर आई, परंतु भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई और देर शाम तक दर्शन का दौर चलता रहा।