शिवपुरी जिले की नरवर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम धमधौली में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग पचास साल पुराने रास्ते को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया है। शुक्रवार को तहसीलदार, पटवारी और पुलिस बल की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और रास्ते को ग्रामीणों के आने-जाने के लिए पूरी तरह खुलवाया।
चार महीने से थी परेशानी
स्थानीय निवासी सुनील परिहार ने जानकारी देते हुए बताया कि लगभग पांच महीने पहले गांव के कुछ लोगों ने सीमांकन के बाद खेतों के पास बने इस पुराने मार्ग को बंद कर दिया था। इसके बाद इस हिस्से में धान की फसल भी उगा दी गई थी। यह मार्ग करीब तीन सौ ग्रामीणों की रोजाना की आवाजाही का प्रमुख रास्ता था।
रास्ता बंद होने की वजह से ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। गर्भवती महिलाओं को चारपाई पर लिटाकर और छोटे बच्चों को गोद में लेकर खेतों के किनारे से निकलना पड़ता था, जिससे हमेशा खतरा बना रहता था।
कलेक्टर और सीएम हेल्पलाइन तक पहुंची थी शिकायत
परेशान ग्रामीणों ने इस मामले में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के समक्ष गुहार लगाई थी। इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी और नरवर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर इस समस्या के जल्द समाधान की मांग की गई थी।
ग्रामीणों की लगातार शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को प्रशासनिक और पुलिस दल धमधौली गांव पहुंचा। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और रास्ते से अवैध कब्जा हटवाकर आवागमन का मार्ग सुगम किया।
प्रशासन ने दी जानकारी
नरवर के तहसीलदार विजय कुमार त्यागी ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत मिलने पर कलेक्टर के दिशा-निर्देशों के आधार पर राजस्व और पुलिस टीम के साथ कार्रवाई की गई है। खसरा नंबर 302 के अंतर्गत करीब आधा किलोमीटर लंबे हिस्से पर कब्जा कर धान की फसल लगाई गई थी।
तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि यह रास्ता शासकीय भूमि पर नहीं है, परंतु लगभग पचास साल पुराना होने के कारण सभी पक्षों को समझाइश देकर इसे खुलवाया गया है। प्रशासन की ओर से अब इस मार्ग पर मुरम डलवाने का कार्य किया जा रहा है ताकि ग्रामीणों को भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!