ग्वालियर-चंबल अंचल के शिवपुरी जिले में गुरुवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां नेशनल हाईवे-46 पर भैंसोंरा गांव के समीप एक चलती हुई कार अचानक आग की चपेट में आ गई। देखते ही देखते वाहन से ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं और कुछ ही मिनटों में कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई।

इंदौर जा रहे थे मेडिकल सामग्री लेकर

यह घटना रात करीब 8 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, हुंडई वर्ना कार में ग्वालियर के रहने वाले 26 वर्षीय प्रेम गुप्ता और देव करारा सवार थे। ये दोनों लोग चिकित्सा से जुड़ा सामान लेकर इंदौर की तरफ जा रहे थे। जब उनकी गाड़ी भैंसोंरा गांव के पास पहुंची, तो अचानक इंजन या अन्य हिस्से से आग की लपटें निकलने लगीं।

चालक की सूझबूझ से बची जान

कार के भीतर से लपटें उठती देख चालक ने अत्यधिक सतर्कता दिखाई और तुरंत गाड़ी को सड़क के किनारे रोक दिया। इसके बाद दोनों सवार बिना एक भी पल गंवाए तेजी से बाहर निकल आए। दोनों की इस त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ के कारण उनकी जान सुरक्षित बच गई, हालांकि वाहन को नहीं बचाया जा सका।

पुलिस और दमकल ने पाया आग पर काबू

घटना की जानकारी मिलते ही सुभाषपुरा थाना प्रभारी अरविंद चौहान अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। हाईवे पर मचे हड़कंप और यातायात बाधित होने की स्थिति को संभालते हुए पुलिस ने ट्रैफिक को सुरक्षित रूप से दूसरी लेन से डायवर्ट किया। इसके बाद मोहना से दमकल वाहन को मौके पर बुलाया गया।

फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस बल की संयुक्त मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। हालांकि, तब तक वर्ना कार पूरी तरह जल चुकी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।