शिवपुरी जिला मुख्यालय पर गुरुवार को ओबीसी महासभा के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अमले के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की।
कलेक्टर को ज्ञापन देने की जिद पर अड़े रहे कार्यकर्ता
प्रदर्शन के दौरान जब एडीएम ज्ञापन लेने पहुंचे, तो कार्यकर्ताओं ने उन्हें ज्ञापन सौंपने से साफ इनकार कर दिया। वे सिर्फ कलेक्टर को ही ज्ञापन देने की जिद पर अड़ गए। इस बात को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में लगभग एक घंटे तक हंगामा, धरना और जोरदार नारेबाजी का दौर चलता रहा।
विधायक और नेता के बीच तीखी नोकझोक
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान ओबीसी महासभा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भंवर सिंह धाकड़ और विधायक देवेंद्र जैन के बीच हाईकोर्ट के एक फैसले को लेकर बातचीत छिड़ गई। चर्चा के दौरान भंवर सिंह धाकड़ ने खुद के ग्रेजुएट और पढ़ा-लिखा होने की बात कही। इस पर विधायक ने तीखा सवाल करते हुए कहा कि तो क्या वे गधा हैं? इस पर भंवर सिंह धाकड़ ने जवाब दिया कि हां, आप गधे हैं।
इस प्रदर्शन में पोहरी से कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाह भी शामिल हुए। उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ अच्छे कामों का श्रेय लेती है, जबकि अपनी गलतियों और नाकामियों का ठीकरा कांग्रेस के सिर फोड़ती है। उन्होंने न्यायपालिका पर टिप्पणी करने के साथ ही ओबीसी वर्ग के लिए पूरे आरक्षण की जोरदार पैरवी की।
भर्ती प्रक्रियाओं को सार्वजनिक करने और नौवीं अनुसूची की मांग
ओबीसी महासभा के जिला अध्यक्ष एडवोकेट राजेन्द्र सिंह लोधी ने मांग उठाई कि 27 प्रतिशत आरक्षण के लिए ठोस कानूनी और विधायी कदम उठाए जाएं। महासभा ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन मंडल और अन्य भर्ती एजेंसियों से लंबित पड़ी भर्ती प्रक्रियाओं की मौजूदा स्थिति को सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि अभ्यर्थियों को स्पष्ट जानकारी मिल सके।
संगठन ने सरकार से मांग की है कि आरक्षण के मुद्दे पर अपनी कार्ययोजना स्पष्ट की जाए और केंद्र सरकार से बात करके इसका कानूनी समाधान निकाला जाए। महासभा ने मांग की है कि 27 फीसदी आरक्षण के लिए नया कानून बनाकर उसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल किया जाए। संगठन ने स्पष्ट किया कि ओबीसी वर्ग के अधिकारों की बहाली के लिए उनका यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!