शिवपुरी जिले के अंतर्गत आने वाले पिछोर-खनियाधाना मार्ग पर वन विभाग की टीम ने अवैध कटाई और परिवहन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। अधिकारियों को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि क्षेत्र में अवैध रूप से खैर की लकड़ी का परिवहन किया जा रहा है, जिसके बाद विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए संदिग्ध वाहनों पर नजर रखनी शुरू कर दी।

मुखबिर की सूचना पर की गई घेराबंदी

शिवपुरी वनमंडलाधिकारी और करैरा उप वनमंडलाधिकारी के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। सटीक सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने पिछोर-खनियाधाना मार्ग पर जाल बिछाया। इसी दौरान महिंद्रा पिकअप (क्रमांक UP93 DT 4425) वहां से गुजरता हुआ दिखाई दिया, जिसे टीम ने रुकने का इशारा किया।

वाहन छोड़कर भागा चालक

जब वन अमले ने वाहन की तलाशी लेनी चाही, तो चालक मौका पाकर पिकअप वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया। वाहन की जांच करने पर उसमें करीब 15 क्विंटल छिली हुई खैर की लकड़ी भरी हुई पाई गई। चालक लकड़ी से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या परमिट पेश करने में असमर्थ रहा, जिससे उसकी अवैध गतिविधि स्पष्ट हो गई।

वन विभाग के कर्मचारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पिकअप वाहन और उसमें लदी अवैध खैर की लकड़ी को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद जब्ती की कार्रवाई पूरी कर वाहन को सुरक्षित पिछोर रेंज परिसर में लाकर खड़ा करवा दिया गया है।

वन अपराध का मामला दर्ज, तलाश जारी

वन विभाग ने अज्ञात चालक और वाहन मालिक के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फरार चालक की पहचान करने के साथ-साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध लकड़ी को जंगल के किस हिस्से से काटा गया था और इसे कहां खपाया जा रहा था।

इस पूरी कार्रवाई को सफल बनाने में प्रशिक्षु वन क्षेत्रपाल सोमेश शर्मा, पिछोर परिक्षेत्र सहायक, मनपुरा परिक्षेत्र सहायक दयाराम यादव, वनपाल लोकपाल सिंह परमार, तथा वनरक्षक महेश गुप्ता और दीपक सोनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।