शिवपुरी जिले के इंदार थाना अंतर्गत बिजरौनी गांव के समीप मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां सिंध नदी में स्नान करने उतरा 14 वर्षीय सौरभ कुशवाह गहरे पानी में जाने के कारण डूब गया। यह घटना उस समय हुई जब वह अपनी मां के साथ नदी पर पहुंचा था।

ऋषिपंचमी की पूजा के दौरान हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे बिजरौनी गांव की कई महिलाएं और उनके बच्चे सिंध नदी के पुल के पास ऋषिपंचमी के पर्व पर पूजा-अर्चना और स्नान के लिए एकत्रित हुए थे। सौरभ भी अपनी मां के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने गया था।

जब महिलाएं नदी तट पर विधि-विधान से पूजा-पाठ कर रही थीं, उसी दौरान सौरभ पानी में उतर गया। नहाते-नहाते वह अचानक गहरे पानी की तरफ चला गया और देखते ही देखते नदी की धारा में ओझल हो गया।

ग्रामीणों के प्रयास असफल, पुलिस और एसडीआरएफ सक्रिय

किशोर के डूबने की खबर मिलते ही आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत नदी में उतरकर उसकी खोजबीन शुरू की, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चल सका। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तत्काल इंदार थाना पुलिस को इसकी सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस बल तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गया और स्थिति का जायजा लिया। इसके तुरंत बाद एसआरडीएफ (SDRF) की विशेष टीम को राहत एवं बचाव कार्य के लिए बुलाया गया, जो अब नदी में उतरकर लापता किशोर की तलाश लगातार जारी रखे हुए है।

अवैध रेत उत्खनन और गहरे गड्ढों को लेकर उठे सवाल

इस दुर्घटना के बाद स्थानीय स्तर पर सिंध नदी में चल रहे रेत खनन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कोलारस अनुविभाग क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इस नदी से बड़े पैमाने पर अवैध रेत निकाली जाती है।

स्थानीय लोगों का दावा है कि भारी उत्खनन के कारण नदी के भीतर जगह-जगह खतरनाक गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बरसात का पानी भरने के बाद गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। हालांकि, प्रशासन या एसडीआरएफ की ओर से अभी आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किशोर इनमें से किसी गड्ढे में डूबा या नदी की प्राकृतिक गहराई के कारण हादसा हुआ। फिलहाल रेस्क्यू टीम बच्चे को ढूंढने में जुटी हुई है।