शिवपुरी जिले में सोमवार को गणेश उत्सव का पर्व पूरे हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ शुरू हो गया है। शहर और आसपास के ग्रामीण अंचल में सुबह से ही गाजे-बाजे के साथ भगवान गणेश की प्रतिमाओं को पंडालों तक ले जाने का सिलसिला शुरू हो गया था।

क्रेन से उतारते समय क्षतिग्रस्त हुई 12 फीट की प्रतिमा

उत्सव के दौरान फिजिकल इलाके में एक अप्रिय स्थिति बन गई जब करीब 12 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा को ले जाया जा रहा था। प्रतिमा का वजन अधिक होने के कारण लोगों से वह संभल नहीं पाई, जिसके बाद उसे क्रेन की सहायता से ट्रॉली पर चढ़ाने का प्रयास किया गया। इसी प्रक्रिया के दौरान प्रतिमा का निचला हिस्सा टूट गया और वह खंडित हो गई।

गनीमत यह रही कि नीचे का हिस्सा टूटने के बाद भी प्रतिमा पूरी तरह गिरी नहीं और अपने स्थान पर टिकी रही। प्रतिमा के खंडित होने को लेकर पंडाल के आयोजकों और मूर्तिकार के बीच कुछ देर के लिए विवाद की स्थिति बन गई थी, लेकिन बाद में भुगतान को लेकर दोनों पक्षों में आपसी सहमति बन गई।

दूसरी प्रतिमा मंगवाकर कराई गई स्थापना

विवाद सुलझने के तुरंत बाद आयोजकों ने मौके पर दूसरी गणेश प्रतिमा मंगवाई और उसे आदर के साथ पंडाल में स्थापित किया गया, जिसके बाद माहौल शांत हुआ। इस बीच दोपहर के समय हल्की बारिश भी हुई, लेकिन युवाओं का उत्साह कम नहीं हुआ और वे बारिश के बीच डीजे व ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-गाते नजर आए।

शहर में सजे एक सौ से अधिक भव्य दरबार

इस वर्ष शिवपुरी में कुल 100 से ज्यादा स्थानों पर गणेशोत्सव के पंडाल सजाए गए हैं। कमलागंज क्षेत्र में शहर की सबसे विशाल 17 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है, जबकि अन्य प्रमुख स्थानों पर 10 से 14 फीट तक की प्रतिमाएं विराजमान की गई हैं।

टेकरी का राजा, फिजिकल स्थित श्रीबिहार कॉलोनी, कस्टम गेट, कलारबाग, पुरानी शिवपुरी, ठकुरपुरा, रामबाग कॉलोनी, कीजरीधाम, पुलिस लाइन, गांधी कॉलोनी, जलमंदिर और विवेकानंद कॉलोनी सहित विभिन्न क्षेत्रों में गणपति के दरबार सजाए गए हैं। अब आगामी अनंत चतुर्दशी तक शहर के मंदिरों, घरों और पंडालों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना का दौर जारी रहेगा।