शिवपुरी जिले में प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मेडिकल कॉलेज के ठीक सामने स्थित बेशकीमती सरकारी जमीन पर पिछले काफी समय से अवैध कब्जा जमाया गया था, जिसे मंगलवार को पूरी तरह से हटा दिया गया।
जेसीबी चलाकर तोड़ी गईं 34 दुकानें
प्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुंचकर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की। इस दौरान टीन शेड के सहारे बनाई गईं कुल 34 दुकानों को जेसीबी मशीनों की मदद से ढाह दिया गया। मुक्त कराई गई इस जमीन का बाजार मूल्य करीब 100 करोड़ रुपए आंका गया है, जो कुल 12 बीघा क्षेत्र में फैली है।
अवैध किराएदारी और गतिविधियों की मिल रही थीं शिकायतें
राजस्व विभाग की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई थी कि पाल समाज के कुछ लोगों द्वारा इस सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर दुकानें तान दी गई थीं। इन निर्माणों को आगे किराए पर भी उठाया गया था, जिससे हर महीने लगभग दो लाख रुपए तक की अवैध वसूली की जा रही थी। इसके अलावा रात के वक्त यहां संदिग्ध और असामाजिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें भी स्थानीय स्तर पर मिल रही थीं।
कार्रवाई के दौरान हुआ विरोध, छह लोगों पर एक्शन
जब प्रशासनिक टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची तो कुछ स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने तत्परता दिखाई और हंगामा करने वाली दो महिलाओं समेत कुल छह व्यक्तियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कानूनी कदम उठाए।
तहसीलदार सिद्धार्थ शर्मा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि संबंधित भूमि को कब्जमुक्त कराने के लिए बीते एक साल के दौरान कई बार औपचारिक नोटिस जारी किए जा चुके थे। बावजूद इसके जब कब्जा नहीं हटाया गया, तब नियमानुसार बेदखली का फाइनल आदेश पारित किया गया और मंगलवार को इस पूरी जमीन को पूरी तरह खाली करा लिया गया।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!