शिवपुरी जिले के अटल सागर मड़ीखेड़ा बांध का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने के बाद प्रशासन ने सुरक्षात्मक कदम उठाए हैं। हालात को नियंत्रित करने के लिए रविवार दोपहर को बांध के चार गेट दोबारा खोल दिए गए, जिससे पानी की निकासी लगातार जारी है।

99 प्रतिशत से अधिक भरा है बांध

रविवार दोपहर 3 बजे रिकॉर्ड किए गए आंकड़ों के मुताबिक, मड़ीखेड़ा डैम का जलस्तर 346.15 मीटर तक पहुंच गया है। यह स्तर बांध की पूर्ण जलभराव क्षमता यानी 346.25 मीटर से महज 10 सेंटीमीटर ही कम है। वर्तमान में बांध के भीतर 827.88 एमसीयूएम पानी स्टोर है, जो इसकी कुल क्षमता 834.83 एमसीयूएम का करीब 99.17 प्रतिशत हिस्सा है।

तीन मीटर ओपनिंग से हो रही पानी की निकासी

जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए बांध के गेट संख्या 5 और 6 को एक-एक मीटर जबकि गेट संख्या 4 और 7 को आधा-आधा मीटर ऊपर उठाया गया है। इन चारों गेटों की कुल ओपनिंग 3 मीटर रखी गई है, जिसके जरिए 411.358 क्यूमेक्स पानी बहाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त पावर हाउस के जरिए भी 135.42 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। इस प्रकार कुल मिलाकर 546.778 क्यूमेक्स पानी बाहर निकाला जा रहा है।

ऊपरी इलाकों में बारिश से बढ़ी आवक

स्थानीय स्तर पर पिछले कुछ दिनों से बारिश का दौर थमा हुआ है, लेकिन ऊपरी क्षेत्रों में हुई वर्षा के कारण मड़ीखेड़ा बांध में लगातार पानी की आवक बनी हुई है। भू-अभिलेख विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में 1 जून से 18 सितंबर तक शिवपुरी जिले में औसत से अधिक 953.42 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है, जबकि जिले की सामान्य औसत बारिश 816.3 मिमी है।

जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश का आंकड़ा अच्छा खासा रहा है। शिवपुरी में 995.20 मिमी, बैराड़ में 1057 मिमी, पोहरी में 979 मिमी, नरवर में 966 मिमी, करैरा में 981.80 मिमी, पिछोर में 975 मिमी, कोलारस में 812.80 मिमी, बदरवास में 980.50 मिमी और खनियाधाना में 833.50 मिमी वर्षा आंकी गई है। पिछले साल इसी अवधि में जिले में 1382.34 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई थी।