शिवपुरी जिले के खनियाधाना कस्बे से लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित पनिहारा गांव में एक बड़े अजगर के मिलने से स्थानीय किसानों और ग्रामीणों के बीच भय का माहौल बन गया था। यह विशाल अजगर पिछले कुछ दिनों से लगातार इलाके में देखा जा रहा था, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई थी।
चट्टान के नीचे छिपा था अजगर
बुधवार को यह अजगर उत्तम सिंह यादव के कृषि खेत में एक बड़ी चट्टान के नीचे छिपा हुआ पाया गया। खेत में इतने बड़े जीव की मौजूदगी की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में खलबली मच गई और तत्काल वन विभाग तथा सर्पमित्रों को इसकी जानकारी दी गई।
दो घंटे की मशक्कत के बाद हुआ रेस्क्यू
मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले अजगर के छिपने के ठिकाने का मुआयना किया। चट्टान के नीचे बैठे इस जीव को बाहर निकालना आसान नहीं था, जिसके लिए टीम को कड़ी मेहनत करनी पड़ी। लगभग दो घंटे के लंबे प्रयास के बाद पूरी सावधानी बरतते हुए अजगर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि यह अजगर क्षेत्र में पहले ही एक नीलगाय के बच्चे का शिकार कर चुका था। इस घटना के बाद से गांव वालों में उसका खौफ और अधिक गहरा गया था। डर के कारण किसानों का अपने खेतों की तरफ जाना भी बंद हो गया था, जिससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहे थे।
सर्पमित्रों और वन कर्मियों की सूझबूझ
इस रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने वाले दल में सर्पमित्र महावीर जैन के साथ-साथ शैलेंद्र जैन, कुलदीप और राहुल शामिल थे, जिन्होंने वन विभाग की टीम के सहयोग से इस खतरनाक अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया। रेस्क्यू किया गया यह अजगर लगभग 10 फीट लंबा बताया जा रहा है।
सफलतापूर्वक पकड़े जाने के बाद अजगर को पास के ही एक डेम के समीप सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। इस खतरनाक जीव के गांव की सीमा से दूर जाने के बाद अब ग्रामीणों ने चैन की सांस ली है और प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!