श्योपुर में रेलवे स्टेशन के विकास कार्यों के लिए तय किए गए बजट में भारी कटौती किए जाने को लेकर स्थानीय नागरिकों और संगठनों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। गुरुवार को इसी नाराजगी के चलते कूनो संघर्ष समिति के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन परिसर पर जोरदार प्रदर्शन किया।
बजट 150 करोड़ से घटाकर 35 करोड़ किया
यह पूरा विरोध प्रदर्शन 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के अंतर्गत श्योपुर रेलवे स्टेशन के लिए पहले से निर्धारित 150 करोड़ रुपए के बजट को कम करके मात्र 35 करोड़ रुपए किए जाने के खिलाफ किया गया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली। इस दौरान आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का पुतला भी दहन किया।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
विरोध प्रदर्शन के उपरांत कूनो संघर्ष समिति के सदस्यों ने अतुल चौहान के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि श्योपुर रेलवे स्टेशन के लिए पूर्व में स्वीकृत 150 करोड़ रुपए के बजट को यथावत बहाल किया जाए। समिति का कहना है कि बजट में की गई यह कटौती जिले के समग्र विकास और पर्यटन की संभावनाओं के साथ सीधा अन्याय है।
विकास कार्यों के लिए नाकाफी है नया बजट
ज्ञापन में इस बात पर जोर दिया गया है कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता परियोजना आने के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्योपुर की पहचान काफी मजबूत हुई है। आने वाले समय में क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की पूरी संभावना है, जिसे ध्यान में रखते हुए स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाओं और हेरिटेज लुक के साथ संवारना बेहद आवश्यक है। समिति का तर्क है कि मात्र 35 करोड़ रुपए के सीमित बजट में इस तरह का बुनियादी विकास होना असंभव है।
इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों ने श्योपुर-कोटा ब्रॉडगेज रेल लाइन के विस्तार का मुद्दा भी उठाया और मार्ग के अन्य स्टेशनों पर भी यात्री सुविधाओं में इजाफा करने की मांग दोहराई। समिति ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द बजट कटौती का निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो स्थानीय स्तर पर आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!