ग्वालियर-चंबल अंचल के श्योपुर जिले में वन्यजीव संरक्षण और महिला सहभागिता का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला। कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट के चार साल पूरे होने के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन द्वारा विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई।

ढेंगदा क्रीड़ा परिसर में हुआ भव्य आयोजन

गुरुवार को श्योपुर के ढेंगदा क्रीड़ा परिसर में एक हजार से ज्यादा महिलाओं और छात्राओं ने सामूहिक रूप से हिस्सा लिया। कलेक्टर शीला दाहिमा की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भारतीय मादा चीता 'मुखी' की विशाल प्रतिकृति वाली ह्यूमन रंगोली रही।

विशेष पोशाक में नजर आईं प्रतिभागी महिलाएं

यह पूरा आयोजन 'सेवा संकल्प अभियान-2026' के अंतर्गत संपन्न हुआ। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ-साथ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं। खास बात यह रही कि सभी प्रतिभागियों ने चीते के मुख के रंगों से मेल खाते हुए वस्त्र पहनकर यह अनोखी आकृति तैयार की।

शारदीय नवरात्र के पवित्र दिनों में हुए इस आयोजन के माध्यम से एक ओर जहां महिला शक्ति और सामाजिक एकजुटता को दर्शाया गया, वहीं दूसरी ओर आमजन को वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संदेश भी दिया गया। कलेक्टर शीला दाहिमा ने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय स्तर पर पर्यावरण और जीवों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी।

नामीबियाई चीता ज्वाला की संतान है मुखी

प्रशासन द्वारा चुनी गई मादा चीता 'मुखी' का कूनो नेशनल पार्क से विशेष जुड़ाव रहा है। मुखी का जन्म 29 मार्च 2023 को कूनो की धरती पर ही हुआ था। वह नामीबिया से भारत लाई गई मादा चीता 'ज्वाला' की संतान है और भारत की धरती पर जन्मी चीतों की पहली पीढ़ी का अहम हिस्सा है।