विजयपुर विकासखंड के ओछापुरा गांव में प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए कलेक्टर शीला दाहिमा ने रविवार को औचक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जनजातीय बालक छात्रावास और मोराई मोड़ स्थित संयुक्त वन नाके का बारीकी से निरीक्षण किया।

सचिव के खिलाफ कार्रवाई और ग्रामीणों की शिकायतें

निरीक्षण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने कलेक्टर को शिकायत0 दर्ज कराई कि पंचायत सचिव रामप्रसाद प्रजापति कभी गांव नहीं आते हैं, जिसके कारण उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पाता है। ग्रामीणों की इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जनपद सीईओ को तत्काल प्रभाव से सचिव को हटाने और पंचायत का प्रभार अन्य सचिव को सौंपने के निर्देश दिए।

स्कूल और छात्रावास में मिली खामियां

विद्यालय के निरीक्षण के वक्त कलेक्टर ने कक्षा 6 के छात्र पवन आदिवासी से उसकी पढ़ाई को लेकर बातचीत की। इस दौरान सामने आया कि शिक्षक नियमित रूप से कक्षाएं नहीं ले रहे हैं और शिक्षण कार्य में भी लापरवाही बरती जा रही है। इस पर एसडीएम अभिषेक मिश्रा को प्रधानाध्यापक और सभी संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए।

इसके बाद राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह शासकीय अनुसूचित जनजातीय बालक छात्रावास का जायजा लिया गया, जहां साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाएं बेहद असंतोषजनक मिलीं। व्यवस्थाओं में सुधार न मिलने पर छात्रावास अधीक्षक सुरेश रावत को भी नोटिस थमाने के निर्देश दिए गए। साथ ही परिसर, अलमारियों व खिड़कियों की सफाई के कड़े निर्देश देने के साथ बच्चों से भोजन व पढ़ाई की सुविधाओं की जानकारी ली गई।

स्वास्थ्य केंद्र और वन नाके का निरीक्षण

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण में मेडिकल ऑफिसर डॉ. अमित शाक्य ने बताया कि अस्पताल में हर दिन औसतन 20 मरीज इलाज के लिए आते हैं। कलेक्टर ने यहां ओपीडी, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की पड़ताल की और परिसर में अमरूद का पौधा भी रोपा।

दौरे के अंतिम चरण में कलेक्टर ने चंबल अभयारण्य क्षेत्र के मोराई मोड़ पहुंचकर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर लगाम कसने के लिए बनाए गए संयुक्त वन नाके की पड़ताल की। उन्होंने वहां तैनात अमले को निगरानी व्यवस्था को और अधिक मुस्तैद रखने के निर्देश दिए।