खाद संकट और महंगे दामों पर मिल रहे उर्वरक
श्योपुर जिले में इस समय रबी फसलों की बुवाई का अहम दौर चल रहा है, लेकिन किसानों को खेतों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पा रहा है। हालात यह हैं कि किसानों को खुले बाजार में महंगे दामों पर उर्वरक खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या से नाराज किसानों ने भारतीय किसान संघ के बैनर तले अपनी आवाज बुलंद की है।
भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी के नेतृत्व में किसानों ने प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन के जरिए मांग की गई है कि किसानों को तय सरकारी दरों पर ही खाद की सुगम आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।
नहरों में पानी और बिजली आपूर्ति की मांग
अन्नदाताओं का कहना है कि पानी के अभाव में उनकी धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। इसके अलावा सरसों की बुवाई के लिए भी समय पर नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया है, जिससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है। किसानों ने प्रशासन से तुरंत नहरों में पानी प्रवाहित करने का आग्रह किया है।
सिंचाई के साथ-साथ बिजली संकट पर भी रोष जताया गया। किसानों की मांग है कि कृषि कार्यों के लिए उन्हें दिन के समय कम से कम 10 घंटे बिजली मुहैया कराई जाए, जिससे वे सुचारू रूप से अपनी फसलों की सिंचाई कर सकें।
गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाने और चोरी की घटनाओं पर रोक
ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग उठाई गई कि गेंहू का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाकर 2,700 रुपए प्रति क्विंटल किया जाए। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों से सिंचाई मोटर चोरी होने की बढ़ती घटनाओं पर लगाम कसने और अवैध नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई करने की बात भी कही गई।
ज्ञापन सौंपने के बाद किसान संघ के पदाधिकारियों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के साथ-साथ जल संसाधन, खाद और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर समस्याओं के त्वरित निराकरण पर चर्चा की। इस दौरान मूलचंद मीणा, सरदार वरियम सिंह, जितेंद्र मीणा, मुकेश मीणा, अशोक आर्य, ओमप्रकाश भारती, अजय शर्मा, गुरपेज सिंह, वीरदेव बिसारिया, विरसा सिंह, त्रिलोक सिंह और नरेंद्र चौधरी सहित कई किसान मौजूद रहे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!