अंचल के जाने-माने गांधीवादी नेता एवं श्योपुर के पूर्व विधायक सत्यभानु चौहान की दूसरी पुण्यतिथि शुक्रवार को श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कलारना गांव की सहरिया आदिवासी बस्ती में एक विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

गांधी विचार मंच के बैनर तले हुआ आयोजन

यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम गांधी विचार मंच की तरफ से आयोजित किया गया था। सभा के दौरान बस्ती में जरूरतमंदों और ग्रामीणों के बीच फल वितरित किए गए तथा उपस्थित लोगों ने उनके जनसेवा के लंबे सफर को याद किया।

छह दशकों तक दलित और सहरिया आदिवासियों की सेवा

कार्यक्रम में शिरकत करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता भीमसेन शर्मा ने बताया कि सत्यभानु चौहान ने अपने जीवन के करीब 60 साल सहरिया जनजाति और दलित समुदाय के उत्थान के लिए समर्पित किए। उन्होंने हमेशा समाज के सबसे पिछले वर्ग के हितों को प्राथमिकता दी और अपने पिता ठाकुर उदयभानु चौहान की विरासत को आगे बढ़ाया।

इस दौरान समाजसेवी कैलाश पाराशर ने भी उनके संस्मरण साझा किए। उन्होंने बताया कि श्योपुर को जिला का दर्जा दिलाने के लिए चले आंदोलन के दौरान सत्यभानु चौहान को जेल भी जाना पड़ा था। उन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों की भलाई और सामाजिक सौहार्द के लिए खपा दिया।

पुत्र ने बढ़ाई पिता की विचारधारा आगे

पूर्व विधायक के पुत्र अतुल चौहान ने इस मौके पर संकल्प लिया कि वे अपने पिता के बताए मार्ग और जनसेवा के विचारों को निरंतर आगे बढ़ाते रहेंगे। श्रद्धांजलि सभा के दौरान जयसिंह जादौन और आदित्य चौहान ने महात्मा गांधी का प्रिय भजन प्रस्तुत कर माहौल को भावुक बना दिया।

समारोह के समापन पर सौरभ चौहान, अमित चौहान और अनवर बालापुरी सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक व ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने दिवंगत नेता को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।