अवैध शराब से उजड़ रहे परिवार
श्योपुर जिले के कराहल थाने के अंतर्गत आने वाले मोराई गांव की पचास से अधिक आदिवासी महिलाएं गुरुवार को अचानक थाने पहुंच गईं। महिलाओं का यह दल गांव में धड़ल्ले से बिक रही अवैध शराब के विरोध में उतरा था। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध मदिरा का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे पूरा सामाजिक ताना-बाना बिगड़ रहा है।
थाने पहुंची महिलाओं ने थाना प्रभारी भारत सिंह गुर्जर को एक लिखित आवेदन सौंपा। इसमें उन्होंने बताया कि गांव के अंदर अवैध रूप से शराब बेची जा रही है, जिसके चलते घरों का माहौल खराब हो रहा है। महिलाओं ने पुलिस को बताया कि वे दिनभर कड़ी मेहनत और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं, लेकिन उनके घरों के पुरुष इस अवैध नशे की लत के कारण सारी कमाई शराब में उड़ा देते हैं।
नशे की लत से युवा पीढ़ी और आर्थिक तंगी का संकट
ज्ञापन के माध्यम से महिलाओं ने दर्द बयां करते हुए कहा कि नशे की लत के कारण घर में आए दिन कलह, हंगामा और मारपीट की घटनाएं होती हैं। इससे न केवल महिलाओं को बल्कि बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों को भी मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। शराबखोरी के चलते कई युवा गंभीर बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं और कुछ की तो असमय मौत भी हो चुकी है।
पीड़ित महिलाओं ने चिंता जताई कि यदि इस अवैध कारोबार पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाली पीढ़ी भी पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि गांव में अवैध रूप से शराब बेचने वालों पर शिकंजा कसा जाए और शराब पीकर हुड़दंग व उपद्रव मचाने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
पुलिस प्रशासन का पक्ष
महिलाओं ने गांव में अवैध शराब बिकने की शिकायत की है। मैंने अवैध शराब बेचने वालों के नाम और स्थान पूछे, लेकिन किसी ने नाम नहीं बताया। उन्हें मेरा मोबाइल नंबर दिया है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। शराब पीकर शांति भंग करने वालों पर भी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। - भारत सिंह गुर्जर, थाना प्रभारी कराहल






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!