श्योपुर जिले के अंतर्गत आने वाले बमोरी गांव में रविवार की सुबह करीब 5 बजे वन्यजीवों की दस्तक से हड़कंप मच गया। कूनो नेशनल पार्क की सीमा से जुड़े इस इलाके में दो चीते सीधे एक ग्रामीण के घर की टपरी में जा घुसे और वहां बंधे हुए मवेशियों को अपना निशाना बनाया।
खटिया पर सो रहे थे पति-पत्नी
घटना के समय पशुपालक सोमला वीर सिंह अपनी पत्नी के साथ उसी टपरी के अंदर खटिया डालकर सो रहे थे। उनके ठीक पास ही गाय के दो बछड़े बंधे हुए थे। अहले सुबह अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और गहरी नींद में सो रहे परिवार की आंख खुल गई।
जब सोमला वीर सिंह और उनकी पत्नी ने अपनी आंखों के सामने चीतों को देखा, तो उनके होश उड़ गए। बिना एक पल गंवाए दोनों ने सूझबूझ दिखाई और खटिया से उठकर तुरंत दूर भागे, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। चीतों ने मौके पर ही दोनों बछड़ों को मौत के घाट उतार दिया।
गांव में खौफ का माहौल और ग्रामीणों का आक्रोश
इस दुस्साहसिक घटना के बाद से बमोरी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत का माहौल बना हुआ है। डर के मारे किसानों और मवेशी पालकों ने अपने खेतों की तरफ जाना तक बंद कर दिया है। रिहाइशी बस्तियों के नजदीक वन्यजीवों के पहुंचने से स्थानीय लोगों में वन प्रशासन के प्रति भारी गुस्सा है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में वन विभाग की गश्त तुरंत बढ़ाई जाए और चीतों की आवाजाही पर चौबीस घंटे नजर रखी जाए, साथ ही पीड़ित पशुपालक को हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए।
कूनो नेशनल पार्क में चीतों की स्थिति
वर्तमान आंकड़ों के अनुसार कूनो नेशनल पार्क में कुल 53 चीते मौजूद हैं, जिनमें से 40 शावकों और वयस्कों का जन्म भारत की धरती पर ही हुआ है। देश भर में चीतों की कुल संख्या अब 59 पहुंच चुकी है, जिसमें गांधी सागर और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के चीते भी शामिल हैं।
फिलहाल कूनो के खुले जंगल में 15 चीते स्वतंत्र रूप से घूम रहे हैं। हालांकि, बमोरी गांव में हुई इस ताजा घटना के संबंध में जब सीसीएफ उत्तम कुमार शर्मा से बात की गई, तो उनका कहना था कि उन्हें इस मामले की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!