राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाले टीईटी परीक्षा विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए जा रहे शिक्षकों के जत्थे को श्योपुर जिले में पुलिस प्रशासन द्वारा रोक लिए जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षकों ने कड़ा रोष व्यक्त किया है।
बस स्टैंड पर रोकी गईं गाड़ियां
घटनाक्रम के अनुसार, मप्र राज्य अध्यापक संघ के आह्वान पर जिलेभर से सैकड़ों शिक्षक दिल्ली जाने के लिए तैयार हुए थे। विजयपुर से चार बसें पहले ही रवाना हो चुकी थीं, वहीं श्योपुर और कराहल से भी शिक्षकों को निकलना था। श्योपुर से कुल तीन बसें तय थीं, जिनमें से एक के निकलने के बाद पुलिस ने अन्य दो बसों को बस स्टैंड पर ही घेरकर रोक लिया और उनके चालकों को थाने ले गई।
गांधी पार्क में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन
प्रशासनिक कार्रवाई के तुरंत बाद आक्रोशित शिक्षक गांधी पार्क में एकत्र हो गए और वहीं धरने पर बैठ गए। शिक्षक संघ के अध्यक्ष रामचरित रावत ने जानकारी दी कि जिले से सात सौ से अधिक शिक्षक इस आंदोलन में शामिल होने वाले थे, जो बसों, निजी वाहनों और रेल मार्ग से दिल्ली की ओर बढ़ रहे थे।
शिक्षक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठाने जा रहे थे, लेकिन प्रशासन द्वारा उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है जिसे सहन नहीं किया जाएगा।
संघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने जा रहे शिक्षकों के अधिकारों में बाधा डाली जा रही है। समाचार लिखे जाने तक सैकड़ों की संख्या में शिक्षक गांधी पार्क में डटे हुए थे और अपना विरोध दर्ज करा रहे थे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!