चंबल अंचल के श्योपुर जिले में स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान से वन्यजीव प्रेमियों के लिए बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है। प्रोजेक्ट चीता के चार वर्ष पूरे होने के अगले ही दिन, यानी अठारह सितंबर को, भारत की धरती पर जन्मी मादा चीता KGP12 ने चार शावकों को जन्म दिया है।

केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने दी बधाई

इस महत्वपूर्ण घटना की जानकारी केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की। उन्होंने इस मौके को 'चार साल, चार नए जीवन' करार देते हुए देश में चीता संरक्षण के बढ़ते कदमों और सफलता को सराहा। वहीं, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस उपलब्धि को राज्य और देश के वन्यजीव इतिहास के लिए ऐतिहासिक बताया तथा पार्क प्रबंधन की टीम को शुभकामनाएं दीं।

कूनो में अब कुल चीतों की संख्या हुई तिरपवन

इन चार नए मेहमानों के आने से कूनो नेशनल पार्क में चीतों की कुल संख्या बढ़कर तिरपवन तक पहुंच गई है, जिनमें से सैंतीस चीते भारतीय भूमि पर ही जन्मे हैं। सीसीएफ उत्तम कुमार शर्मा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस घटना से प्राकृतिक प्रजनन को लेकर वन विभाग की उम्मीदें और अधिक मजबूत हुई हैं।

मई महीने में हुई थी पिछले शावकों की मृत्यु

उल्लेखनीय है कि इसी मादा चीता KGP12 के चार अन्य शावकों की गत बारह मई को कूनो के भीतर ही मृत्यु हो गई थी, जिनका जन्म ग्यारह अप्रैल को हुआ था। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक तब उनके शव आंशिक रूप से खाए हुए पाए गए थे और किसी अन्य वन्यजीव द्वारा शिकार किए जाने की आशंका जताई गई थी, हालांकि मादा चीता पूरी तरह सुरक्षित रही थी।