कूनो से गुजरात के लिए चीता एक्शन प्लान

मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क से चीतों को अन्य स्थानों पर बसाने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में अब कूनो से छह चीतों को गुजरात के बन्नी घास मैदान में भेजने की पुख्ता तैयारियां चल रही हैं। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा दोनों ही राष्ट्रीय उद्यानों में चीतों के रहवास और सुरक्षा संबंधी प्रबंध लगभग पूरे कर लिए गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छोड़े जाने की चर्चा

इन चीतों को आगामी 31 अक्टूबर को, जो कि देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती का दिन है, बन्नी के खुले जंगलों में छोड़े जाने की प्रबल संभावना है। हालांकि, शासन स्तर पर इस कार्यक्रम की आधिकारिक तिथि का ऐलान होना अभी बाकी है। स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने करकमलों से इन चीतों को बन्नी में रिहा कर सकते हैं।

इससे पहले गत 20 सितंबर को भी कूनो से एक मादा चीता को मंदसौर के गांधीसागर अभयारण्य में सुरक्षित रूप से शिफ्ट किया जा चुका है। ताजा योजना के तहत बन्नी भेजे जाने वाले छह चीतों में कूनो में ही जन्मे दो नर चीते, बोत्सवाना से लाया गया एक नर चीता और तीन मादा चीते शामिल किए जाने की बात सामने आ रही है।

केन्या से आने वाले चीतों पर टिकी नजरें

वन विभाग के सूत्रों का यह भी कहना है कि यदि बन्नी के लिए केन्या से नए चीते लाने की प्रक्रिया पर मुहर लगती है, तो कूनो से भेजे जाने वाले इन छह चीतों के चयन या उनकी संख्या में बदलाव किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि इसी साल मई के महीने में चार केन्याई चीतों के भारत आने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई थी।