वीर सावरकर स्टेडियम से शुरू हुआ विरोध मार्च

बुधवार को श्योपुर जिले में कांग्रेस पार्टी के बैनर तले एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली के विरोध में कांग्रेसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। इस दौरान सभी कार्यकर्ताओं ने अपने माथे पर काली पट्टी बांधी हुई थी और वे प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे।

विरोध प्रदर्शन की शुरुआत स्थानीय वीर सावरकर स्टेडियम से की गई। यहां से तमाम कार्यकर्ता पैदल मार्च निकालते हुए कलेक्ट्रेट परिसर की ओर आगे बढ़े। हाथों में विरोध से जुड़े बैनर और तख्तियां थामे कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी कर रहे थे।

पुतला दहन के दौरान पुलिस से झूमाझटकी

जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यह जुलूस कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचा, वहां माहौल गरमा गया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने पुतले को अपने कब्जे में लेने की कोशिश की, जिससे पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर छीना-झपटी हुई।

इस गहमागहमी के बीच विधायक बाबू जंडेल भी पुलिसकर्मियों से पुतला छीनने की कोशिश करते हुए नजर आए। सुरक्षा में तैनात पुलिस बल और दमकल विभाग ने तत्परता दिखाते हुए पुतले में लगी आग को तुरंत बुझा दिया। हालांकि, इसके बावजूद आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कुल तीन बार उस पुतले को जलाने का प्रयास किया।

प्रमुख नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद

इस प्रदर्शन और मार्च के दौरान जिले के कई दिग्गज कांग्रेसी नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से जिला कांग्रेस अध्यक्ष मांगीलाल फौजी और विधायक बाबू जंडेल शामिल रहे। इनके अलावा रितेश तोमर, अंशु शुक्ला और संजीव कुशवाहा समेत बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता इस विरोध प्रदर्शन में भागीदार बने।

प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें और आपत्तियां नहीं सुनी गईं, तो उनका यह विरोध आगे भी जारी रहेगा। नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए नारेबाजी जारी रखी और ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया पूरी की।