श्योपुर में सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान के अंतर्गत एक मोटरसाइकिल रैली का आयोजन किया गया। यह रैली शहर के हजारेश्वर पार्क से रवाना हुई और विभिन्न मार्गों से होते हुए एसडीएम कार्यालय तक पहुंची।
एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन और ज्ञापन
कार्यालय पहुंचने के बाद कांग्रेस नेताओं ने लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा किए जाने पर जोर दिया। इस दौरान अनुच्छेद 326 का हवाला देते हुए प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई गई और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
प्रमुख मांगें: 27% ओबीसी आरक्षण और वन ग्रामों का दर्जा
कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मांग की कि मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाए। इसके अलावा, वन ग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित करने की पुरजोर मांग उठाई गई, ताकि वहां के रहवासियों को सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।
रैली के दौरान गेट पर चढ़े विधायक
प्रदर्शन के दौरान जब पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को एसडीएम कार्यालय के मुख्य द्वार पर ही रोक लिया, तो स्थिति गरमा गई। पुलिस की इस कार्रवाई से आक्रोशित होकर विधायक बाबू जंडेल कार्यालय के गेट पर ही जा चढ़े।
गेट पर चढ़कर विधायक ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की, जिसमें उनके साथ मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं ने भी अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारे लगाए।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जनता के अधिकारों, सामाजिक न्याय और स्थानीय मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो उनका यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!