अतिक्रमण हटाने पहुंची थी टीम

श्योपुर जिले के कूनो वन्यप्राणी वनमंडल की अगरा रेंज के ग्राम खड़ेरा में वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पिछले साल जिस वनभूमि को कब्जामुक्त कराया गया था, वहां दोबारा अतिक्रमण कर बुआई की तैयारी की जा रही थी। इसी सूचना के आधार पर वन अमला कार्रवाई करने के लिए मौके पर पहुंचा था।

ट्रैक्टर जब्त करने पर शुरू हुआ विवाद

यह पूरी घटना मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे की है। विभाग के मुताबिक, प्रकरण क्रमांक 31709/21 और 31709/22 के तहत यह कार्रवाई की जानी थी। मौके पर बुआई के लिए चिह्नित ट्रैक्टर खड़े हुए थे। जैसे ही वन कर्मियों ने उन ट्रैक्टरों को जब्त करने का प्रयास किया, वैसे ही रामवरन, भूरा, कान्हा और शिवराम पुत्र मेहरवान गुर्जर, देवेंद्र पुत्र रामजी गुर्जर समेत अन्य लोगों ने विरोध जताना शुरू कर दिया।

कर्मचारियों से मारपीट और वाहनों में तोड़फोड़

वन विभाग की ओर से दी गई शिकायत में बताया गया है कि आक्रोशित भीड़ ने वनरक्षक बारेलाल मीणा को घेरकर लाठी-डंडों से पीटा और उनकी वर्दी भी फाड़ दी। इसके अलावा वनपाल राजेश अर्गल के साथ भी थप्पड़ों और लात-घूंसों से मारपीट की गई। महिला वनरक्षक शीला आदिवासी और वनरक्षक सुरेंद्र आदिवासी के साथ भी झूमाझटकी, अभद्रता और मारपीट करने का आरोप है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस दौरान जातिसूचक गालियां दी गईं।

हिंसा के दौरान हमलावरों ने शासकीय वाहनों को भी निशाना बनाया। सरकारी गाड़ी एमपी02जेडए0934 और बोलेरो वाहन एमपी06जेडएन4879 पर लाठी और पत्थर बरसाए गए, जिससे दोनों वाहनों के कांच टूट गए और गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।

हवाई फायर के बाद सुरक्षित निकली टीम

स्थिति को बेकाबू होते देख वन अमले के साथ मौजूद पार्क के सुरक्षा गार्ड ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से हवा में फायर किए। हवाई फायरिंग की इस कार्रवाई के बाद भीड़ पीछे हटी, जिसके बाद वन विभाग की टीम किसी तरह मौके से सुरक्षित बाहर निकल सकी।

घटना के तुरंत बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने मगरधा थाने पहुंचकर सरकारी काम में बाधा डालने, मारपीट करने और वाहन तोड़ने को लेकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब प्राप्त शिकायत और घटना के वीडियो फुटेज के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।