ग्वालियर-चंबल अंचल के श्योपुर जिले के देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम ढोटी में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा उसे फंदे पर लटका हुआ पाए जाने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। यह पूरी घटना 18 अक्टूबर की शाम की है।

अस्पताल में चल रहा था आईसीयू में इलाज

मृतका की शिनाख्त ग्राम ढोटी की रहने वाली 25 वर्षीय अपसन के रूप में की गई है। घटना के तुरंत बाद परिजनों ने उसे फंदे से नीचे उतारा और तत्काल श्योपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे आईसीयू वार्ड में भर्ती कर लिया था, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही थी। हालांकि, सोमवार की सुबह उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

पिता को फोन पर दी गई थी फांसी लगाने की सूचना

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, राजस्थान के कोटा जिले के खातोली थाना क्षेत्र स्थित रामपुरा धाबाई के रहने वाले 57 वर्षीय रामचरण बैरवा ने थाने पहुंचकर मामले की जानकारी दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि 18 अक्टूबर को ही वह अपनी बेटी अपसन को उसकी ससुराल ग्राम ढोटी छोड़कर अपने पैतृक गांव लौट रहे थे। जब वह शाम करीब पांच बजे प्रेमसर के पास पहुंचे, तो मृतका के ससुर मांगीलाल बैरवा का उनके पास फोन आया।

फोन करने वाले ने उन्हें सूचना दी कि अपसन ने घर के अंदर बने टीन शेड वाले कमरे में लोहे के एंगल के सहारे साड़ी से फांसी का फंदा लगा लिया है। सूचना मिलते ही पिता तुरंत वापस लौटे और जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उनकी बेटी आईसीयू में भर्ती थी। पिता ने उससे बात करने की कोशिश की लेकिन उसकी हालत इतनी नाजुक थी कि वह कुछ भी बोल नहीं सकी।

पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंपा

सोमवार को इलाज के दौरान विवाहिता की मौत के बाद शव को अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया। मृतका के पिता की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर औपचारिकताएं पूरी कीं। देहात थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मृतका के शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।