श्योपुर जिले के कराहल में शबरी माता आश्रम की भूमि से कथित अतिक्रमण हटाने और आदिवासी समाज की जमीनों को सुरक्षित करने की मांग को लेकर कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा द्वारा शुरू किया गया अनिश्चितकालीन अनशन रविवार रात को समाप्त हो गया। यह अनशन तीसरे दिन प्रशासन द्वारा दिए गए ठोस आश्वासन के बाद खत्म हुआ।

एसडीएम बी. एस. श्रीवास्तव ने विधायक मल्होत्रा को भरोसा दिलाया कि अगले सोमवार तक शबरी आश्रम की जमीन का विधिवत सीमांकन कराया जाएगा। यदि सीमांकन में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण पाया जाता है, तो उसे तत्काल प्रभाव से हटाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आदिवासी समुदाय की जमीनों से जुड़े अन्य लंबित मामलों की भी गहन जांच की जाएगी। इस आश्वासन के उपरांत विधायक ने अपना धरना समाप्त कर दिया, हालांकि उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर जमीन अतिक्रमण मुक्त नहीं हुई, तो वे पुनः आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।

भूमि विवाद पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

धरने के दौरान यह पूरा मामला राजनीतिक रंग लेता दिखा, जब कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा और भाजपा के पूर्व विधायक सीताराम आदिवासी के बीच तीखी बयानबाजी हुई। विधायक मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक लगातार उनके खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर रहे हैं और अतिक्रमणकारियों का खुले तौर पर समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि कोई उन पर सरकारी जमीन पर कब्जे का एक भी आरोप साबित कर दे, तो वे अपनी विधायकी से इस्तीफा दे देंगे। इससे पहले, विधायक ने यह भी दावा किया था कि 3 जून को प्रशासन द्वारा कराए गए सीमांकन के बाद बनाई गई नाली को पूर्व विधायक ने जेसीबी से बंद करवा दिया था।

पूर्व विधायक का पलटवार: समाज के नाम पर राजनीति का आरोप

दूसरी ओर, भाजपा के पूर्व विधायक सीताराम आदिवासी ने विधायक मल्होत्रा के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शबरी माता मंदिर के निर्माण की घोषणा उनके ही कार्यकाल में हुई थी और वे स्वयं चाहते हैं कि मंदिर का निर्माण शीघ्रता से हो। उन्होंने विधायक पर समाज के नाम पर राजनीति करने, एक सम्मेलन के आय-व्यय का हिसाब न देने और शबरी माता के नाम पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। पूर्व विधायक ने यह भी दावा किया कि उनके कार्यकाल में क्षेत्र में सड़कें और बिजली फीडर जैसी कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं पूरी की गई थीं।

सीताराम आदिवासी ने यह भी कहा कि मंदिर निर्माण के लिए वे स्वयं मुख्यमंत्री से मुलाकात कर आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे, ताकि शबरी माता मंदिर का कार्य बिना किसी बाधा के पूरा हो सके।