गणेश चतुर्थी के पावन पर्व के साथ ही अंचल में दस दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत हो चुकी है। सोमवार की सुबह से ही शहर के तमाम प्रमुख गणेश मंदिरों में भगवान के दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। घरों और सार्वजनिक पंडालों में भी गणपति बप्पा की प्रतिमाएं विधि-विधान के साथ स्थापित की गईं।
टोड़ी गणेश मंदिर में सोने की जनेऊ से सजाया गया विग्रह
त्योहार की पूर्व संध्या पर रविवार शाम ऐतिहासिक टोड़ी गणेश मंदिर में विशेष अनुष्ठान आयोजित किए गए। यहां भगवान गणेश का पंचामृत से अभिषेक करने के पश्चात शुद्ध घी और सिंदूर का लेपन किया गया। इसके बाद प्रभु को नए वस्त्र पहनाकर सोने और चांदी के आभूषणों से नख-शिख श्रृंगारित किया गया। इस दौरान भगवान को सोने की जनेऊ भी अर्पित की गई, जिसके दर्शन के लिए देर रात तक भक्त पहुंचते रहे।
उत्सव समिति के पदाधिकारियों के मुताबिक करीब 200 साल पुराना यह मंदिर लक्ष्मीनारायण मंदिर के निर्माण काल का है। मंदिर परिसर और पूरे टोड़ी बाजार को रंग-बिरंगी रोशनी के साथ पेपरजाल से सजाया गया है। यहां डोल ग्यारस तक लगातार आठ दिनों तक अखंड भजन-कीर्तन का क्रम जारी रहेगा, जिसमें क्षेत्र की जानी-मानी भजन मंडलियां हिस्सा ले रही हैं।
चौपड़ गणेश मंदिर में ग्यारह दिन की मेहनत से तैयार हुआ अनूठा श्रृंगार
मुख्य बाजार स्थित चौपड़ गणेश मंदिर में भी गणपति का भव्य स्वरूप देखने को मिला। समिति के अध्यक्ष बंटी बजाज ने जानकारी दी कि प्रतिमा के इस विशेष श्रृंगार को पूरा करने में लगभग ग्यारह दिन का समय लगा। इस स्थान पर सात दिनों तक अखंड कीर्तन के साथ मनमोहक फूल बंगला सजाया जाएगा। इसके साथ ही धार्मिक कार्यक्रमों के बीच जरूरतमंदों को भोजन प्रसादी वितरित करने का भी प्रबंध किया गया है।
शहरभर के विभिन्न पंडालों में सजीं झांकियां और बाजारों में रही चहल-पहल
इन प्रमुख मंदिरों के अलावा शहर के पाली रोड स्थित विमलेश्वर मंदिर, किला रोड, पुल दरवाजा, चंबल कॉलोनी, खरंजा रोड, फक्कड़ चौराहा और मधुवन कॉलोनी समेत अनेक सार्वजनिक स्थलों पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इन सभी स्थानों पर आगामी दस दिनों तक आकर्षक झांकियों के प्रदर्शन के साथ सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन संपन्न होंगे।
उत्सव को लेकर मुख्य बाजारों में भी गणेश प्रतिमाओं की दुकानें पूरी तरह सज चुकी हैं। सुबह से ही लोग अपनी श्रद्धा और आवश्यकता के अनुसार मूर्तियों की खरीदारी करते दिखे। बाजार में विभिन्न स्वरूपों और आकारों की प्रतिमाएं 40 रुपए से लेकर 1000 रुपए तक की कीमत में उपलब्ध रहीं, जिससे पूरे बाजार में उत्सवी माहौल बना रहा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!