श्योपुर में शुक्रवार को दस दिवसीय गणेश उत्सव का समापन श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। शहर के विभिन्न हिस्सों से धूमधाम से शोभायात्राएं निकाली गईं, जो सीप नदी के पंडित घाट पर पहुंचीं। यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने नम आंखों से भगवान गणेश को विदाई दी।
विभिन्न इलाकों से निकलीं आकर्षक शोभायात्राएं
शहर के टोड़ी बाजार, चौपड़ बाजार, जयेश्वर मंदिर महाराष्ट्र समाज, शिवपुरी रोड स्थित राम मंदिर और डॉक्टर कॉलोनी से बप्पा की शोभायात्राएं आरंभ हुईं। डॉक्टर कॉलोनी से प्रतिमा को विमान में विराजित कर शोभायात्रा निकाली गई। इसके अलावा चंबल कॉलोनी के शिव दुर्गा मंदिर और विमलेश्वर महादेव मंदिर से बड़ी प्रतिमाओं को सजी हुई ट्रॉलियों में रखकर घाट तक लाया गया।
शोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने आरती की। ब्राह्मण पाड़ा स्थित हनुमान मंदिर, चतरदास जी का टीला और भुवनेश्वर महादेव मंदिर पर विशेष आरती का आयोजन हुआ। अंत में सभी मार्ग तय करते हुए जत्थे पंडित घाट पहुंचे जहां प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया और प्रसाद वितरण किया गया।
प्रशासन और पुलिस बल रहा पूरी तरह मुस्तैद
विसर्जन के इस बड़े आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुबह 9 बजे से ही पुलिस और प्रशासन की टीमें सक्रिय हो गई थीं। अधिकारी और जवान गली-मोहल्लों से लेकर पंडालों और घाट तक सुरक्षा व्यवस्था संभाले रहे। शहर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई थी।
सुरक्षा प्रबंधों की कमान एडीएसपी प्रवीण भूरिया, एसडीएम गगन मीणा, एसडीओपी राजीव कुमार गुप्ता, तहसीलदार दीपेश धाकड़ और कोतवाली टीआई सत्यम गुर्जर ने संभाली। इसके साथ ही कलेक्टर शीला दाहिमा और पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।
पर्यावरण संरक्षण के लिए बनाया गया विशेष कुंड
पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका द्वारा प्रशासन के निर्देशानुसार एक अलग विसर्जन कुंड का निर्माण भी किया गया था। शहर के विभिन्न स्थानों से लाई गई गणेश प्रतिमाओं का नियमानुसार विसर्जन किया गया और श्रद्धालुओं ने 'गणपति बाप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ' के जयकारों के साथ विसर्जन पर्व को पूरा किया।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!