कूनो नेशनल पार्क से सामने आई दुखद खबर
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क से एक बार फिर निराश करने वाली खबर आई है। यहाँ नामीबियाई मादा चीता आशा के एक शावक की मौत हो गई है। मृत शावक की उम्र करीब आठ महीने बताई जा रही है।
निगरानी के दौरान चार शावक ही आए नजर
घटना का खुलासा सोमवार सुबह की नियमित निगरानी के दौरान हुआ। वन विभाग की टीम जब पार्क में चीतों की गतिविधि पर नजर रख रही थी, तब मादा चीता आशा अपने पांच में से केवल चार शावकों के साथ ही दिखाई दी।
पाँचवें शावक के झुंड में न मिलने पर वन कर्मियों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद उस आठ महीने के शावक का शव बरामद किया गया, जिससे पार्क प्रबंधन में हड़कंप मच गया।
देशभर में अब बचे हैं कुल 59 चीते
इस शावक की असमय मौत के बाद देश में चीतों की कुल संख्या में बदलाव आया है। वर्तमान में देश में चीतों की कुल संख्या घटकर 59 रह गई है, जिनमें से 41 चीते भारत की धरती पर ही जन्मे हैं।
वहीं दूसरी ओर, अकेले कूनो नेशनल पार्क में अब चीतों की संख्या 53 बची है, जिनमें 40 भारत में जन्मे शावक शामिल हैं। पार्क के खुले जंगल में इस समय 15 चीते विचरण कर रहे हैं। इसके अलावा गांधी सागर अभयारण्य में चार और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीते मौजूद हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगी मौत की वजह
चीता परियोजना के फील्ड डायरेक्टर के अनुसार, शावक की मौत के वास्तविक कारणों का अभी तक आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल पाया है। मौत की असली वजह का खुलासा विसरा और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह साफ हो सकेगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!