श्योपुर जिले में स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि के बीच का विवाद खुलकर सामने आ गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष गुड्डी बाई आदिवासी ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है।

वाटर शेड शाखा पर लगाया ताला

विभिन्न विकास योजनाओं और कार्यों में खर्च हुई राशि की जानकारी न मिलने से नाराज होकर अध्यक्ष ने जिला पंचायत कार्यालय स्थित वाटर शेड शाखा पर ताला लगा दिया।

अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि उन्हें 15वें वित्त आयोग और वाटरशेड योजना से जुड़े किसी भी प्रकार के दस्तावेज या आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि कार्यालय में वाटर शेड अधिकारी पी एस राजपूत का एकाधिकार चल रहा है।

मांगा गया राशि का पूरा हिसाब

गुड्डी बाई आदिवासी का कहना है कि वे जिला पंचायत अध्यक्ष होने के बावजूद महत्वपूर्ण विकास कार्यों और योजनाओं की जानकारी से वंचित रखी जा रही हैं।

इस सिलसिले में उन्होंने 8 अगस्त 2022 से लेकर 6 जुलाई 2026 तक की अवधि के 15वें वित्त की राशि का विस्तृत हिसाब मांगा है। इसमें कुल उपलब्ध बजट, खर्च की गई राशि, ग्राम पंचायत स्तर पर हुए निर्माण कार्य और किए गए भुगतानों का पूरा्योरा शामिल है।

गुरुवार से धरने की चेतावनी

अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि संबंधित पंचायतों को किन कार्यों के एवज में भुगतान किया गया और यह राशि किसकी अनुमति से जारी हुई थी।

आय-व्यय का पूरा विवरण न मिलने पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द जानकारी नहीं दी गई, तो वे गुरुवार से जिला पंचायत कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ जाएंगी।