श्योपुर में मानसून को लेकर प्रशासन अलर्ट, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष योजना तैयार
मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए श्योपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। कलेक्टर शीला दाहिमा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सौम्या आनंद ने भी अधिकारियों को समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
60 गांवों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया
प्रशासन द्वारा किए गए सर्वे के आधार पर जिले के 60 गांवों और कुछ शहरी निचले इलाकों को बाढ़ एवं जलभराव की दृष्टि से संवेदनशील माना गया है। इन क्षेत्रों में स्थानीय कोटवारों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जो मौसम और जलस्तर की लगातार निगरानी कर जिला प्रशासन को तत्काल सूचना देंगे।

मोबाइल नेटवर्क बाधित न हो, इसके लिए विशेष निर्देश
आपदा के समय संचार व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए सभी मोबाइल सेवा प्रदाताओं को प्रत्येक मोबाइल टावर पर कम से कम आठ घंटे का बैटरी बैकअप या वैकल्पिक जनरेटर की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही टावरों के महत्वपूर्ण उपकरणों को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर रखने को भी कहा गया है।स्वास्थ्य विभाग को दिए गए विशेष निर्देश
बारिश के मौसम में सर्पदंश की घटनाओं को देखते हुए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों तक आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
परिवहन और लोक निर्माण विभाग रहेगा सतर्क
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन पुलों या पुलियाओं के ऊपर से पानी बहने लगेगा, वहां वाहनों की आवाजाही तुरंत रोक दी जाएगी। जिले की 64 संवेदनशील पुलियाओं पर पहले से ही चेतावनी संकेतक लगाए जा चुके हैं तथा जरूरत पड़ने पर बैरिकेडिंग और कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।
राशन, पेयजल और बिजली व्यवस्था पर विशेष फोकस
बाढ़ संभावित क्षेत्रों की उचित मूल्य दुकानों में तीन महीने का अग्रिम राशन उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं पीएचई विभाग को पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन के निर्देश दिए गए हैं। बिजली विभाग ने आपात स्थिति में बिजली आपूर्ति शीघ्र बहाल करने के लिए 15 निजी एजेंसियों की सेवाएं ली हैं और 300 बिजली पोल रिजर्व में रखे हैं।

नगर पालिका और होमगार्ड की तैयारियां पूरी
सीप नदी के किनारे स्थित बस्तियों की निगरानी के लिए नगर पालिका ने विशेष कर्मचारियों की तैनाती की है। शहर के नालों की सफाई अभियान जारी है। संभावित बाढ़ पीड़ितों के लिए आठ राहत शिविर चिन्हित किए गए हैं तथा स्थानीय तैराकों की सूची भी तैयार कर ली गई है। वहीं होमगार्ड विभाग को सभी आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ अलर्ट मोड पर रखा गया है।
पशुपालकों के लिए जारी की गई एडवाइजरी
पशुपालन विभाग ने जिले के लगभग 3.65 लाख पशुओं का टीकाकरण पूरा कर लिया है। विभाग ने पशुपालकों को सलाह दी है कि बाढ़ या तेज बारिश की स्थिति में मवेशियों को खूंटे से बांधकर न रखें, बल्कि उन्हें सुरक्षित खुले स्थान पर छोड़ दें ताकि किसी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत प्रशासन या संबंधित नियंत्रण कक्ष को दें। प्रशासन का कहना है कि सभी विभागों के समन्वय से मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारी पूरी कर ली गई है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!