श्योपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद से वहां आवागमन की स्थिति लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। देश के विभिन्न हिस्सों से छात्र और उनके अभिभावक प्रवेश प्रक्रिया के सिलसिले में कॉलेज पहुंच रहे हैं, जिन्हें रास्ते में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

19.87 करोड़ की लागत से बन रहा है पुल

प्रशासन द्वारा कॉलेज तक सुगम रास्ता देने के लिए 19.87 करोड़ रुपये की लागत से एक नए पुल का निर्माण कराया जा रहा है। इस परियोजना का करीब 75 प्रतिशत कार्य पूरा भी हो चुका है, लेकिन तकनीकी लापरवाही के चलते अब यह प्रोजेक्ट बीच में ही अटक गया है।

33 केवी लाइन बनी निर्माण में बाधा

मौके पर मौजूद 33 केवी बिजली की लाइन और उसके पोलों को समय रहते नहीं हटाया गया, जिसके कारण पुल पर अंतिम स्लैब रखने का काम रोक दिया गया है। बिजली लाइनों के वहां से शिफ्ट न होने की वजह से फिलहाल निर्माण स्थल पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है।

रपटा डूबने से बढ़ी 15 किलोमीटर की दूरी

निर्माण कार्य रुकने और नदी का पुराना रपटा पानी में डूब जाने के कारण मेडिकल कॉलेज जाने वाला सीधा मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो चुका है। इस स्थिति के चलते राहगीरों और कॉलेज आने-जाने वालों को मजबूरन लगभग 15 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।

इस बड़ी लापरवाही ने स्थानीय स्तर पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये के इस निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले क्या मैदानी सर्वे नहीं किया गया था, और यदि सर्वे हुआ था तो बिजली के पोल व लाइन हटाने का आकलन क्यों नहीं किया गया।