श्योपुर जिले के बड़ौदा क्षेत्र स्थित रतोदन रोड पर संचालित अनुसूचित जाति-जनजाति (एससी-एसटी) छात्रावास की इमारत इस समय बेहद दयनीय स्थिति में पहुंच चुकी है। स्थिति इतनी खतरनाक हो गई है कि इस हॉस्टल के एक कमरे की छत पहले ही भरभराकर गिर चुकी है, जबकि अन्य कमरों की दीवारें और छतें भी जगह-जगह से जर्जर हो रही हैं।

जान जोखिम में डालकर रहने को विवश हैं विद्यार्थी

इस खतरनाक इमारत में वर्तमान में 50 से अधिक छात्र अपनी जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर हैं। हालात का जायजा लेने पहुंचे किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला ने बताया कि छात्रों की सूचना पर उन्होंने हॉस्टल का निरीक्षण किया, जहां कमरों की हालत वाकई डरावनी मिली। इसके अलावा, छात्रों के उपयोग के लिए बने बाथरूम और शौचालयों की स्थिति भी बदतर हो चुकी है।

शिकायत करने पर घर भेज दिए जाते हैं छात्र

छात्रों का यह भी आरोप है कि जब वे इस जर्जर व्यवस्था और सुरक्षा के मुद्दों को लेकर छात्रावास अधीक्षक के सामने अपनी बात रखते हैं, तो उन्हें समस्याओं का समाधान करने के बजाय घर वापस लौटने का दबाव बनाया जाता है। बरसात के मौसम में या सुरक्षा का हवाला देकर अक्सर छात्रों को उनके गांवों भेज दिया जाता है, जिसके कारण उनकी नियमित पढ़ाई बाधित होती है।

तैयार है नया भवन, फिर भी नहीं हो रही शिफ्टिंग

सबसे हैरानी की बात यह है कि बड़ौदा के वार्ड नंबर 11 में एससी-एसटी वर्ग के छात्रों के लिए एक नया छात्रावास भवन पूरी तरह से बनकर तैयार खड़ा है। इसके बावजूद विद्यार्थियों को इस जानलेवा पुराने भवन में रखा जाना प्रशासनिक उदासीनता को साफ दर्शाता है। छात्रों ने जिला प्रशासन से तत्काल नए भवन में शिफ्ट किए जाने की गुहार लगाई है।

छात्रावास अधीक्षक ओमप्रकाश सिसोदिया ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा है कि नए भवन में शिफ्टिंग को लेकर उच्च अधिकारियों को पहले ही सूचित किया जा चुका है और उम्मीद है कि जल्द ही नया परिसर मिल जाएगा। वहीं, इस संबंध में जब एसी राकेश गुप्ता से संपर्क साधने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन कॉल रिसीव नहीं किया।

प्रशासन ने नहीं सुनी तो होगा बड़ा आंदोलन

किसान नेता राधेश्याम मीणा ने कलेक्टर और स्थानीय प्रशासन को चेतावनी दी है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि छात्रों को शीघ्र ही सुरक्षित नए छात्रावास में स्थानांतरित नहीं किया गया, तो विद्यार्थियों को साथ लेकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।